उत्तिष्ठ कौन्तेय
कर्नाटकमें बंधक तन्त्र, अब लोकतन्त्रकी नूतन नीति !
कर्नाटकमें भाजपाके येदियुरप्पाद्वारा त्यागपत्र देनेके पश्चात, कांग्रेस और जेडीएसने सत्ता पाने हेतु गठबंधन बनाया है और कुमारस्वामीको बुधवार २३ मईको मुख्यमन्त्री पदकी शपथ दिलाई गई । कुमारस्वामीको शुक्रवार, २५ मईको विधानसभामें बहुमत सिद्ध करना होगा ।
कांग्रेसने अपने विधायकोंको डोमलुर स्थित “हिल्टन एम्बैसी गोल्फलिंक्स”में रखा है जबकि जेडीएसने अपने विधायकोंको बेंगलूरूके बाहरी क्षेत्र “देवनाहल्लीयोनके प्रेस्टीज गोल्फशायर रिज़ॉर्ट”में रखा है, कारण तो आपको ज्ञात ही है। कांग्रेसके एक नेताने अपनी पहचानका उजागर नहीं करनेके प्रतिबन्धनका आधार रखनेपर बताया , ‘हमारे विधायक बहुमत परीक्षण पूरा होनेतक आश्रयस्थलमें (रिजार्ट) रहेंगे । इसके पश्चात उन्हें स्वतन्त्र कर दिया जाएगा ताकि वे अपने परिवारसे मिल सकें ।” पिछले नौ दिनसे एक वैभवशाली आश्रयस्थल (रिजार्ट) और विश्रामालयमें (होटल) रह रहे विधायक अपने परिवारोंसे दूर हैं और अपने कष्ट भरे दिन समाप्त होनेकी उत्सुकतासे प्रतीक्षा कर रहे हैं, सूत्रोंसे ज्ञात हुआ है कि इन विधायकोंकी दूरभाष तक भी पहुंच नहीं है कि वे अपने परिजनके संपर्कमें रह सकें किन्तु कांग्रेस और जेडीएसके नेता इन तथ्योंको अस्वीकार कर रहे हैं।
समाचारोंमें कहा गया कि विधायकोंने कम से कम एक दिनके लिए अपने घर जाने की स्वीकृति मांगी; किन्तु उनका अनुरोध स्वीकार नहीं किया गया, साथ ही विधायकोंको प्रसार माध्यमोंसे दूर रखा गया है।
कहीं हिंसासे कहीं, कहीं अपने विपरीत आदर्शोंवाले दलसे सन्धि (समझौता) कर, कहीं विधायकोंको बंधक बनाकर, कहीं उन्हें क्रय कर सत्ता प्राप्त करनेवाले, इस निधर्मी लोकतन्त्रका शीघ्र नाश हो एवं हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना हो, ऐसी महाकालके श्रीचरणोंमें प्रार्थना है अन्यथा ये स्वार्थमें अंधे सत्ता लोलुप नेता, इस देशका सर्वनाश शीघ्र ही कर देंगे ! – तनुजा ठाकुर (२५.५.२०१८)
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