उत्तिष्ठ कौन्तेय !


कर्नाटकमें हर दिन दोसे चार किसान आत्महत्या करते हैं । यह भयावह तथ्य स्वयं राज्य शासनने दिया है । जिस निधर्मी लोकतन्त्रमें अन्नदाताकी इस दुर्दशाको दूर करने हेतु अभीतक कोई ठोस उपाययोजना नहीं निकाली जा सकी है अर्थात् सामान्य जनताकी मूलभूत आवश्यकताओंको जिस व्यवस्थामें  राजनेता पूर्ण नहीं कर सकते हैं, ऐसे लोकतन्त्रके स्थानपर प्रजाहितकारी हिन्दू राष्ट्र चाहिए ! (११.४.२०१७)

Uttishtha Kaunteya !
Karnatakmein har din dose char kisaan aatmahatya karte hain . Yah bhayawah tathya swayam rajya shasanne diye hain . Jis nidharmi loktantramein annadaataakee durdashako door karne hetu abhi tak koi thos upaayyojana nahin nikaali ja saki hai, asie loktantrake sthanpar prajahitkari dharma sapeksha Hindu Rahstra chahiye !



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