आतंकवादी दल अपने निकृष्ट उद्देश्य हेतु कर रहे हैं महिलाओं एवं बच्चोंका उपयोग !
वृत्त प्रकाशित हुआ है कि २७ वर्ष पूर्व घाटीमें आतंकवाद आरम्भ होनेके पश्चातसे बच्चों और महिलाओंको इससे दूर रखा गया था; किन्तु अब लश्कर-ए-तैयबा, हिजबुल मुजाहिद्दीन और जैश-ए-मोहम्मद जैसे बडे आतंकी संगठनोंने बच्चों और महिलाओंको अपने गुप्तचर विभागमें (इंटैलीजैंस विंगमें) रखना आरम्भ कर दिया है जो उन्हें सुरक्षाबलोंकी हर गतिविधिकी जानकारी उपलब्ध करवाते हैं । इतना ही नहीं लाहौरमें हुई बैठकमें यह निर्धारित हुआ कि सभी आतंकी संगठन एक संयुक्त मंचके रूपमें कार्य करेंगे और एक-दूसरेकी सहायता करेंगे । पाकिस्तानी गुप्तचर संघटन आई.एस.आई.ने आतंकवादी संगठनोंको विश्वास दिलाया है कि उन्हें धनकी न्यूनता नहीं आने दी जाएगी और अस्त्र-शस्त्र व गोला-बारूद आई.एस.आई. तस्करोंके माध्यमसे इनके समर्थकोंको पंजाबमें देगी ।
क्या इस देशकी जनता अब भी जागेगी ? जहां आतंकवादी दल एकजुट होकर शत्रु राष्ट्र पाकिस्तानके संकेतपर हमारे देशमें अस्थिरता निर्माण करने हेतु स्त्रियों और बच्चोंतकका उपयोग कर रहे हैं, वहीं इस देशके अधिकांश नागरिक अपनी स्वार्थपूर्तिमें व्यस्त हैं ! देशवासियों ! राष्ट्र रक्षण हेतु तत्पर हों एवं आप राष्ट्रके लिए क्या कर सकते हैं यह चिन्तन कर, उस दिशामें कृतिशील होकर मातृभूमिके प्रति अपने ऋणको चुकाएं ! (१६.७.२०१७)
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