राम मन्दिर निर्माण जैसे महत्त्वपूर्ण विषयको छह वर्ष प्रलम्बित कर रखनेवाले सर्वोच्च न्यायालयने हिन्दुत्वप्रेमी सुब्रमण्यम स्वामीजीके शीघ्र निर्णय देनेके सुझावको नकारते हुए कहा कि आप पक्षकार नहीं !
क्या १०० कोटि हिन्दुओंकी भावानाओंका मान रखकर शीघ्र न्याय करना, इस देशके न्यायतन्त्रका उत्तरदायित्व नहीं ? (१.४.२०१७)
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