उत्तिष्ठ कौन्तेय !


‘सम्पर्क फॉर समर्थन’के अन्तर्गत भाजपाके नेता देशभरमें गणमान्य लोगोंसे मिल रहे हैं और मोदी शासनद्वारा चार वर्षोंमें किए गए कार्योंकी एक पुस्तक भेंट कर रहे हैं । इसी अभियानके अन्तर्गत शनिवार, ९ जूनको केन्द्रीय मन्त्री विजय गोयलने देहली स्थित जामा मस्जिदके ‘शाही’ इमाम बुखारीसे भेंट की और मोदी शासनके कार्योंकी सूची सौंपी । उन्होंने बुखारीसे मोदी शासनके लिए मुसलमानोंका समर्थन मांगा ।
दोनोंके मध्य भेंट होनेपर जैसे ही प्रसार माध्यमोंने (मीडियाने) ‘शाही’ इमामसे इस प्रकरणपर प्रतिक्रिया मांगी तो उन्होंने कहा कि वह हमारे यहां आए थे । ये तो ठीक है; परन्तु देशभरमें मुसलमानोंको लक्ष्य बनाया जा रहा है, उन्हें अपशब्द बोले जा रहे हैं, उनपर आक्रमण किए जा रहे हैं । इमामने कहा कि उन्हें यदि कुछ करना है तो ये ठीक है; किन्तु हमारे ढेर सारे परिवाद (शिकायतें) हैं । चुनावमें मात्र एक वर्ष बचा है, यदि वे कुछ करते हैं तो हम इसका स्वागत करेंगे !
भाजपाको अबतक यह भी ज्ञात नहीं है कि उन्हें किससे समर्थन लेना चाहिए और किससे नहीं ? ‘शाही’ इमामके स्थानपर यदि वे इस देशके हिन्दू सन्तोंके पास जाकर उनसे आशीर्वाद और समर्थन मांगते तो उससे कुछ सार्थक प्रतिफल अवश्य ही आता; क्योंकि आज भी अनेक हिन्दू सन्तोंके अनेक कोटि भक्त हैं, जो अपने गुरु या मार्गदर्शकके एक संकेतपर भाजपाको अपना अमूल्य मत देनेको सहज सिद्ध हो जाते; किन्तु हिन्दू हित हेतु विशेष कुछ किया ही नहीं है, ऐसेमें वे कौनसा मुख लेकर हिन्दू सन्तोंके पास जाएंगे । भाजपा भी कांग्रेस समान तुष्टिकरणकी सर्वनाशी नीति अपनानेके मार्गपर है; किन्तु इससे उन्हें कुछ हाथ नहीं आया है, अब इसकी स्थिति धोबीके कुत्ते जैसी होती जा रही है, न वह पूर्ण रूपसे हिन्दू हित हेतु समर्पित हो पा रही है और न ही खुलकर कांग्रेस समान मुसलमानों और ईसाइयोंके सभी अनुचित कृत्योंका समर्थन कर पा रही है | मुसलमानोंका समर्थन मांगनेपर देखें, ‘शाही’ इमाम कैसे बता रहे हैं कि मुसलमानोंपर आक्रमण हो रहा है ! देशके चारों ओरसे ‘लव जिहाद’के प्रकरण सामने आ रहे हैं, इससे मुसलमानोंके जुडनेवाली घटनाएं सामने आ रही हैं, रोहिंग्या और बांग्लादेशी मुसलमान भारतमें घुस रहे हैं और वह भी मुसलमानोंके सहयोगसे भारतके सभी भागोंमें बस रहे हैं, कश्मीरके अनेक मुसलमान खुलकर राष्ट्रद्रोह कर रहे हैं, अपने सैनिकोंको बलि वेदीपर चढाकर हमने रमजानमें संघर्षविराम कर रखा है, आंतकी विरुद्ध कार्यवाही रोक रखी है, केरल और बंगालमें मुसलमानोंका मनमाना आतंक दिन प्रति दिन बढता जा रहा है और ‘शाही’ इमामको इसके पश्चात भी इस शासनसे ढेरों परिवाद हैं ! ये मुसलमान जबतक इस देशको अफगानिस्तान और सीरिया नहीं बना देंगे तबतक ये असन्तुष्ट ही रहेंगे; अतः इनसे समर्थन मांगनेकी अपेक्षा, भाजपा अपनी जग हंसाई करवानेकी अपेक्षा, प्रथम यह निर्णय करे कि उसे किससे समर्थन लेना चाहिए ?, जिससे वह चुनाव जीत सकती है और एक वर्षमें उसे क्या करना चाहिए ?, जिससे ७०% में यदि ५०% हिन्दू भी उसे मत दे तो उसे किसी और पन्थ या धर्मके या पक्षके लोगोंके समर्थनकी भीख मांगनेकी आवश्यकता नहीं होगी ! – तनुजा ठाकुर (१०.६.२०१८)



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