उत्तिष्ठ कौन्तेय !


विश्व स्वास्थ्य संगठनके अनुसार भारतमें १३ से १५ वर्षके आयुके हर चार बच्चोंमें एक बच्चा अवसादग्रस्त है और दक्षिण एशियाई देशोंमें सर्वाधिक आत्महत्या दर यहीं है ।
साधना और धर्मविरहित शिक्षण पद्धतिका दुष्प्रभाव अब भावी पीढीपर भी स्पष्ट दिखाई  देने  लगा है । इस स्थितिको सुधारने हेतु गर्भावस्थासे शिशुमें साधनाका बीजारोपण करना अति आवश्यक है जो हमारी वैदिक संस्कृतिमें सोलह संस्कार अन्तर्गत प्राचीनकालसे ही किया जाता है और धर्मग्लानिके कारण इसका साम्प्रतकालमें लोप हुआ है । (७.४.२०१७)

uttishth kaunteya !
Vishwa swaasthya sangthan(WHO) ke anusar Bharatmein 13 se 15 warshkee ayuke har char bacchonmein ek baccha awsaadgrast hai aur dakshin poorva ashiyayi deshonmein sarvadhik aatmahtya dar yahin hai!
Sadhana aur dharmvirahit sikshan paddhatika dushprabhav ab spasht dikhayi dene laga hai ! Is sthitiko sudharnane hetu Hindu rashtrakee sthapana karna apariharya ho gaya hai !



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