केन्द्रीय गृह मन्त्रालयके वार्षिक ब्यौरे अनुसार पडोसी शत्रुराष्ट्र पाकिस्तानद्वारा कश्मीरमें प्रायोजित आतंकवादके कारण २०१५ की तुलनामें २०१६ में आतंकी घटनाओंमें ५४.८१ % की वृद्धि हुई है एवं हमारे सुरक्षाबलोंके हुतात्मा होनेकी संख्यामें ११०.२५% की वृद्धि हुई है । क्या केन्द्रीय शासन अपनी परराष्ट्र नीतिपर त्वरित चिन्तन कर इस कंटक बने पाकिस्तानको शीघ्र अति शीघ्र कठोर दण्ड देकर पाठ पढाएगा या हम अपने सैनिकोंको भारतद्वेषी इस पडोसी राष्ट्रकी बलिवेदीपर यूं हाथपर हाथ धरे प्राण गंवाते देखते रहेंगे ? (१४.४.२०१७)
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