मुस्लिम स्त्रियोंद्वारा मुखर होकर ‘तीन तलाक’ का विरोध करना, यह बताता है कि वे अपने धर्मकी नीतियोंसे कितनी दु:खी हैं ? समाचारोंके माध्यमसे यह ज्ञात होने लगा है कि अब तो कुछ स्त्रियां तीन तलाकके भयसे इस्लाम त्यागकर हिन्दू धर्म अपना रही हैं, हम ऐसी सभी स्त्रियोंके, स्वयं लिए गए ‘घर वापसी’के साहसिक निर्णयकी स्तुति करते हैं और हिन्दू धर्ममें मन:पूर्वक, उनका स्वागत करते हैं । (८.४.२०१७)
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