‘ऑल इण्डिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड’ने (एआईएमपीएलबी) शरिया न्यायालयोंके गठनपर अपना तेवरको नरम करनेसे अस्वीकार करते हुए शीघ्र ही ऐसी और छह न्यायालयोंके गठनकी घोषणा की है ! संस्थाकी कार्यकारी समितिकी बैठकमें ‘हलाला’का समर्थन करनेके साथ ही इस्लामिक विधानकी (कानूनकी) जानकारी देनेके लिए देश भरमें शरिया वर्ग लगानेकी भी घोषणा की है ।
जब इस देशमें सभी नागरिक संविधानका अनुसरण करते हैं तो मुसलमानोंको शरिया न्यायालय चलानेकी स्वीकृति कैसे दी जा रही है, उनके ऊपर कठोर कार्यवाही कर उसे रोका क्यों नहीं जा रहा है ? – तनुजा ठाकुर (१६.७.२१०७)
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