उत्तिष्ठ कौन्तेय – देश बना रहा है राष्ट्रद्रोहियोंका गढ !


यह देश बना रहा है राष्ट्रद्रोहियोंका गढ देखें पिछले तीन दिनोंके कुछ समाचारोंद्वारा उदाहरण
अ. महबूबा मुफ्तीको नहीं सहन हुआ ‘जमात-ए-इस्लामी’पर प्रतिबन्ध, केंद्रके इस कृत्यकी की निंदा !
‘पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी’की अध्यक्षा महबूबा मुफ्तीने जम्मू कश्मीरमें ‘जमात-ए-इस्लामी’पर प्रतिबन्ध लगानेके केन्द्र शासनके निर्णयकी शुक्रवार, १ मार्चको निंदा की और कहा कि यह राज्यके राजनीतिक प्रकरणसे बाहुबलसे निपटनेकी केन्द्र शासनकी नीतिका एक अन्य उदाहरण है । उल्लेखनीय है कि गुरुवार, २८ फरवरीको केन्द्रीय गृह मन्त्रालयने ‘अवैधानिक (गैर कानूनी) गतिविधि अधिनियम’के अन्तर्गत इस संगठनपर प्रतिबन्ध लगाते हुए अधिसूचना जारी की ।
पूर्व मुख्यमन्त्री महबूबाने ‘ट्वीट’ किया, “लोकतन्त्रमें विचारोंका संघर्ष होता है, ऐसेमें ‘जमात-ए-इस्लामी’पर प्रतिबन्ध लगानेकी दमनात्मक कार्यवाही निंदनीय है और यह जम्मू कश्मीरके राजनीतिक प्रकरणसे अक्खड और धौंससे निपटनेकी भारत शासनकी नीतिका एक अन्य उदाहरण है ।”
उल्लेखनीय है कि केन्द्र शासनने इस आधारपर ‘जमात-ए-इस्लामी’पर पांच वर्षोंके लिए प्रतिबन्ध लगाया है क्योंकि उसकी आतंकवादी संगठनोंके साथ मेलजोल है और राज्यमें पृथकतावादी आंदोलन अत्यधिक तीव्र होनेकी आशंका है !
*महबूबा मुफ्तीके इसप्रकारके कृत्यसे अब सुस्पष्ट होने लगा है कि वे इस देशके नहीं  पाकिस्तानके और कश्मीरमें हो रहे आतंकी संस्थाओंके पक्षमें हैं !* 
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आ. पाकिस्तानी ध्वजसे बनी कमीज पहने छात्रोंके चित्र डालनेके प्रकरणमें एक और बन्दी बनाया गया !
सामाजिक जालस्थलपर उस चित्रको पोस्ट करनेके प्रकरणमें झारखण्डके धनबादसे एक और आरोपीको बन्दी बनाया गया है, जिसमें कथित रूपसे पाकिस्तानके ध्वजसे बनी कमीज पहने ११ युवकोंको दिखाया गया है । इसके साथ ही इस प्रकरणमें बन्दी बनाए लोगोंकी कुल संख्या छह हो गई है !
एक पुलिस अधिकारीने बताया कि अन्य पांच आरोपियोंकी खोजमें विभिन्न स्थानोंपर छापेमारी की जा रही है ।
निरसा प्रखण्डमें निषेधाज्ञा लगा दी गई थी, जब मंगलवारको पाकिस्तानके बालाकोटमें ‘जैश-ए-मोहम्मद’के प्रशिक्षण शिविरपर आक्रमणका उत्सव मना रहे लोगोंने सामाजिक जालस्थलपर ११ स्थानीय युवकोंकी पाकिस्तानके राष्ट्रीय ध्वजसे बनी कमीज पहने चित्र देखा ! उग्र भीडने चित्रमें दिख रहे ११ युवकोंके घरोंको घेर लिया था और उनमें तोडफोड की थी ।
*नेता तो नेता  वरन छात्र भी भारतमें रहकर पाकिस्तानके प्रति प्रेम प्रकट कर रहे हैं । अनेक स्थानोंसे ऐसे राष्ट्रद्रोहके अनेक प्रकरण सामने आ रहे हैं । कठिन समयकी स्थितिमें आज कोई धर्मान्ध पाकिस्तानके ध्वज फहरा रहा है तो कोई उसकी जय-जयकार कर रहा है; अतः स्पष्ट है कि ये पाकिस्तानप्रेमी आपात स्थितिमें देशके विरुद्ध अवश्य जाएंगे ! सम्भवतः अब तो धर्मनिरपेक्षोंके नेत्रोंपर बंधी पट्टियां खुलेंगीं और उन्हें सत्य दिखेगा !* 
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इ. ‘२६/११’को लुभावना दिन बतानेवाले पत्रकार, सरदेसाईने की इमरान खानकी प्रशंसा, प्रधानमन्त्रीपर किया कटाक्ष !
पुलवामा आक्रमणके पश्चात प्रधानमन्त्री मोदीने आर्थिक व राजनीतिक आक्रमणकर एक ओर पाकिस्तानका श्वास बंद कर दिया तो पाकिस्तान घुटनोंपर है और परमाणु बमसे अब शांतिपर आ गया है; परन्तु भारतमें बैठकर राजदीप सरदेसाई अपनी भार्या सागरिका घोसके साथ इमरान खानका गुण गानेमें व्यस्त हैं, और संकेतोंमें ही प्रधानमन्त्रीपर कटाक्ष कर रहे हैं !
सरदेसाईका कहना है कि आज तो इमरान खानने हृदय ही जीत लिया, उन्होंने एक महान और अच्छे नेता होनेका प्रमाण दिया है, उन्होंने विजय पाई है ! इसके साथ-साथ राजदीप सरदेसाई यह भी कह रहे हैं कि हमारे यहांका नेता (नरेंद्र मोदी) तो वोट देखनेमें लगा है ।
पत्रकार अर्थात देशकी समाचारोंको निष्पक्ष रूपसे प्रस्तुत करनेवाला; परन्तु आज भारतकी पत्रकारिता जैसे बुद्धिभ्रष्टताका ग्रास हो गया हो । कुछ राष्ट्रनिष्ठ पत्रकारोंको छोडकर अन्य सभी किसी न किसी दलको सन्तुष्ट करनेमें लगे हैं । दलकी सन्तुष्टितक भी ठीक था; परन्तु अब वे सीधा ही राष्ट्रका व राष्ट्रके सबसे सम्मानित व उच्च पदपर बैठे राष्ट्रनिष्ठ व्यक्तिका अपमानकर  पाकिस्तान प्रेम उजागर कर रहे हैं ! स्मरण हो कि ये वही पत्रकार हैं, जो कुछ दिवस पूर्व ‘२६/११’के आक्रमणको सुहावना दिवस बता रहे थे ! उच्चतम न्यायालयने पत्रकारोंको स्वतन्त्रता दी है, इसका अर्थ यह तो नहीं कि वे स्वतन्त्रताके नामपर राष्ट्रद्रोह करने लगें ! अब न्यायालय व शासन इसपर संज्ञान लेकर कार्यवाही करें; क्योंकि दुर्भाग्यवश ये पत्रकार राष्ट्रीय समाचारपर आते हैं और लोगोंको असत्य बताते हैं तो अनेक लोगोंकी मानसिकता प्रभावित होती है । राष्ट्रहितमें इन्हें प्रतिबन्धित किया जाना चाहिए !
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ई. उत्तरप्रदेशमें शिक्षकने व्हाट्सएप गुटमें पाकिस्तानी प्रधानमन्त्री इमरान खानको बताया ‘शांतिका मसीहा’ !!
उत्तर प्रदेशके सुल्तानपुरमें एक शिक्षकने भारतीय वायुसेनाके ‘विंग कमांडर’ अभिनंदनको मुक्त करनेके पश्चात ‘व्हाट्सएप गुट’में पाकिस्‍तानी प्रधानमन्त्री इमरान खानको शांतिका दूत बताया ! इसके पश्चात कार्यवाही करते हुए उसे निकाल दिया गया है !
प्राथमिक विद्यालय इसौलीके सहायक अध्यापक अमरेंद्र कुमार आजादने ‘यूपीपीएसएस लम्भुआ’ नामसे बने ‘व्हाट्सएप गुट’में एक लेख डाला । इसमें उन्‍होंने शान्तिके दूत इमरान खानको ‘सलाम’ लिखते हुए देशभक्तिसे भरे कई लेख प्रेषित किए ! खण्ड शिक्षा अधिकारी बल्दीरायने प्रकरणकी जांच करते हुए शिक्षक अमरेन्द्रसे स्पष्टीकरण मांगा ।
जब शिक्षक ही ऐसा करेंगे तो आप विद्यार्थियोंसे क्या अपेक्षा रखते हैं ?! यह है आजके देशकी दुर्दशा ! इस देशमें पाकिस्तानके साथ युद्धके साथ ही ऐसे राष्ट्रद्रोहियोंके साथ भी इस देशको ‘दो-दो हाथ’ करने पडेंगे, ऐसा लगने लगा है ! – तनुजा ठाकुर 


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