उत्तिष्ठ कौन्तेय !


केरलमें निर्लज्ज पादरीने ननसे कहा, ‘बलात्कारका अभियोग वापस ले लो, भूमि दिला देंगे’
केरल निवासी ननके परिजनोंने आरोप लगाया है कि यौन उत्पीडन करनेवाले पादरीने (बिशपने) उन्हें भूमि  देनेकी बात कही है । परिजनोंने कहा है कि पादरीके विरोधमें परिवाद (शिकायत) वापस लेनेपर उन्हें भूमि देनेका लालच दिया गया है । ‘रोमन कैथोलिक डाइकोसिस ऑफ जालन्धर’, पंजाबके पादरीके विरुद्ध एक ननने अभियोग प्रविष्ट किया है । आरोप लगाया गया है कि वर्ष २०१४ से पादरीने १३ बार उसका यौन उत्पीडन किया है । पुलिसमें परिवाद तब की गई जब पादरीने नन और पांच अन्यके विरुद्ध धमकी और भयादोहन (ब्लैकमेल) करनेका अभियोग प्रविष्ट किया ।
धर्मस्थानपर बैठकर ऐसे पापकर्म करनेवाले पादरीने सार्वजानिक क्षमा याचना करनी चाहिए, इसके स्थानपर वे अपने पापको छुपाकर और पीडिताको  परिवाद वापस लेनेकी धमकी देकर और लोभ देकर अपने पापको  और बढा रहे हैं ! क्या सचमें ऐसा पादरियोंको धर्मकी शिक्षा दी गयी थी ? वैसे आपको बता दें सम्पूर्ण विश्वमें पादरियोंद्वारा किए गए यौन उत्पीडनके प्रकरणको धन देकर ऐसे ही दबाया जाता रहा है । – तनुजा ठाकुर (३१.७.२०१८)



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