महाराष्ट्रके गोरक्षकके घरसे मिले ८ देसी बम, आतंकवाद-निरोधक दस्ता, एटीएसने बनाया बन्दी
महाराष्ट्र, आतंकवाद-निरोधक दस्ताने (एटीएस) ‘हिन्दू जनजागृति समिति’के एक कार्यकर्ताको शुक्रवार, १० अगस्तको प्रातः बन्दी बनाया और उसके पालघर स्थित घरसे कुछ विस्फोटक सामग्री राजसात (बरामद) की ।
एक अधिकारीने बताया कि कार्यकर्ताका अभिज्ञान वैभव राउतके रूप में हुआ है । इससे पहले माना जा रहा था कि वह, ‘सनातन संस्था’का कार्यकर्ता है ।
उसके घरसे विस्फोटक मिलनेका कारण फिलहाल पता नहीं चल पाया है । राउतको पालघरसे मुम्बई ले जाया गया है, जहांसे न्यायालयमें उपस्थिति किया जाएगा ।
‘हिन्दू जनजागृति समिति’ने राउतको हिन्दुत्वनिष्ठ बताते हुए उसके बंदी बनाए जानेको ‘मालेगांव २’ बताया और कहा कि वह हिन्दू गोवंश रक्षा समितिका सक्रिय गौ-रक्षक है ।
समितिके महाराष्ट्र और छत्तीसगढके संयोजक सुनील घनवटने कहा, ‘वह हिन्दू जनजागृति समितिके तत्वाधानमें हिन्दू संगठनोंको एकजुट करनेके लिए विरोध प्रदर्शनों और कार्यक्रमोंमें भाग लेते थे ।’
समितिके प्रमुखने कहा कि यद्यपि, पिछले कुछ माहसे उसने किसी भी कार्यक्रममें भाग नहीं लिया था । घनवटने कहा, ‘हिन्दू संगठनोंके कार्यकर्ताओंको बिना कारण प्रताडित करना और झूठे प्रकरणोंमें उन्हें फंसाना कोई नई बात नहीं है । मालेगांव (२००८ विस्फोट) प्रकरणसे और सनातन संस्थाके कई निर्दोष कार्यकर्ताओंको बन्दी बनाए जानेसे यह कई बार सिद्ध हो चुका है ।’
इससे पहले शुक्रवारको, राउतके अधिवक्ता संजीव पुनाळेकरने भी प्रसार माध्यमोंको बताया कि राउत सनातन संस्थानके कार्यकर्ता नहीं हैं और उनका नाम जानबूझकर संगठनको बदनाम करनेके लिए जोडा जा रहा है ।
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