उत्तिष्ठ कौन्तेय !


पुणेमें यौन शोषणके आरोपमें मुस्लिम अनाथालयका मौलवी बन्दी, ३६ बच्चे मुक्त कराए गए
पुणे पुलिसने नगरमें मदरसेसे जुडे एक मौलवीको बच्चोंके साथ यौन दुर्व्यवहार करनेके आरोपमें बन्दी बनाया है । मदरसेके दो अन्य बच्चोंने बताया कि वह हाल ही में यहां से इसलिए भाग गए थे; क्योंकि संस्थानमें एक मौलवी उनके साथ यौन दुर्व्यवहार करता था । पुलिसने बताया कि आरोपी मौलाना रहीमको २७ जुलाईकी संध्याको बन्दी बनाया गया । इस सम्बन्धमें बाल अधिकार कार्यकर्ता डॉ यामिनी आदबेने पुलिसके पास परिवाद प्रविष्ट (शिकायत दर्ज) कराई थी ।
पुलिसने इस मदरसेसे ३६ बच्चोंको बचाया है । इन बच्चोंकी आयु ५ से १५ वर्षके मध्यके हैं । ये मदरसा पुणेके कटराज कोन्धावा क्षेत्रमें स्थित है । ब्यौरेके अनुसार पुणे रेलवे स्टेशनपर रेलवे पुलिस बलने दो बच्चोंको अकेले खडा देखा । ‘आरपीएफ’को जब इन बच्चोंको लेकर कुछ आशंका हुई तो उन्होंने बच्चोंके लिए कार्य करनेवाले एनजीओ (अशासकीय संस्थान) साथीको इन बच्चोंके बारे में सूचना दी । इसके पश्चात पुलिस दलने बच्चोंके लिए कार्य करनेवाले कार्यकर्ताओंके साथ जामिया अमूबुझा दारूल यात्मापर छापा मारा । भारती विद्यापीठ पुलिस स्टेशनने मौलाना रहीमकी बन्दी बनानेकी पुष्टि की है ।
पुणेके अनाथालयमें होनेवाले इस जघन्य अपराधके पश्चात क्या शासन सभी मुसलमानी अनाथालयोंकी स्थितिकी जांच करेगा ?
भारतकी स्थिति देख आज मन क्रन्दन करता है, वासनान्ध आज सर्वत्र अपने आसुरी प्रवृत्तिसे आवेशित होकर बच्चोंपर अमानवीय अत्याचार कर रहे हैं ! जो कभी नहीं हुआ था, वह इस देशमें हो रहा है । यहांकी संस्कृति और सभ्यताको कलंकित करनेवालोंको ऐसे सभी वासनान्ध नराधमोंको इतना कठोर दण्ड देना चाहिए कि पुनः कोई ऐसा करनेका दुस्साहस न करे ! – तनुजा ठाकुर (२९.७.२०१८)



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