‘अमरीकी खुफिया विभाग’ (एजेंसी) ‘सीआईए’का हिन्दूद्वेष ! ‘विश्व हिन्दू परिषद’ और ‘बजरंग दल’को बताया धार्मिक उग्रवादी संगठन !
‘विश्व हिन्दू परिषद’ (विहिप) और ‘बजरंग दल’ एक धार्मिक उग्रवादी संगठन है । वास्तवमें अमरीकी खुफिया विभाग ‘सेण्ट्रल इण्टेलीजेंस एजेंसी’ने (सीआईए) ‘राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ’की शाखा ‘विश्व हिन्दू परिषद’ और ‘बजरंग दल’को एक धार्मिक उग्रवादी संगठन बताया है । ‘सीआईए’ने हाल ही अपनी ‘वर्ल्ड फैक्ट बुक’को शोधित (अपडेट) करते हुए प्रकाशित किया है, जिसमें उन्होंने इन दोनों संगठनोंको धार्मिक उग्रवादी संगठन बताया है !
आपको बता दें कि प्रसार सूत्रोंके अनुसार ‘विहिप’ और ‘बजरंग दल’ने ‘सीआईए’द्वारा धार्मिक उग्रवाद संगठन बताए जानेपर गहरा रोष उजागर किया है और अब ये दोनों संगठन ‘सीआईए’के विरोधमें वैधानिक (कानूनी) कार्रवाई करनेपर विचार कर रहें हैं ! बजरंग दलके नेताओंका कहना है कि कोई भी गुप्तचर विभाग हमारे संगठनको कैसे एक उग्रवादी संगठन घोषित कर सकता है ? यह अधिकार उन्हें किसने दिया ? इन नेताओंका कहना है कि हमारी विदेशोंमें भी शाखाएं हैं और हमने कभी भी किसीको कोई हानि नहीं पहुंचाई है । हम राष्ट्रवादी हैं और हम देखेंगे कि इस प्रकरणपर क्या वैधानिक कार्यवाही की जा सकती है !
भारत सहित सम्पूर्ण विश्वमें जिहादी आतंकी संगठन रक्तकी नदियां बहा रहे हैं, यह बात पूरे विश्वको पता है । ऐसे इन संगठनोंको छोड अपने धर्मकी रक्षाके लिए स्वयंका जीवन दांवपर लगानेवाले हिन्दू संगठनोंको उग्रवादी कहना, वह भी बिना किसी आधारके, यह हिन्दूद्वेष नहीं तो क्या है ! इससे ही समझमें आता है कि वैश्विक स्तरपर ईसाई समुदायके लोग हिन्दू धर्मके क्षरण हेतु किस प्रकार कृतिशील हैं । भारतमें ईसाइयोंद्वारा धर्मान्तरण हेतु सर्वाधिक धन, ऐसे ही ईसाई देशोंसे सतत आ रहा है और अब तो यह भी सिद्ध हो गया है कि हिन्दू आतंकवाद शब्दका कोई अस्तित्व नहीं है; तथापि अमरीकी गुप्तचर विभागद्वारा ऐसे आक्षेपका, प्रत्येक भारतीयद्वारा तीव्रतासे निषेध करने हेतु अमरीकी वस्तुओंका निषेध करना चाहिए, ऐसे भोगियोंके लिए तो उनकी लाठी उनके ऊपर ही बरसानी चाहिए । – तनुजा ठाकुर (१६.६.२०१८)
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