उत्तर प्रदेश : उत्तर प्रदेशके शामली जनपदके कैरानामें एक बार फिर एक हिन्दू परिवारके पलायनका प्रकरण सामने आया है । जनपदके झिंझाना थाना क्षेत्रके केरटू गांवसे एक परिवारके पलायन करनेकी घटनापर प्रशासनने जांचके आदेश दिए है ! आक्षेप है कि परिवारको गांवके मुसलमान समुदायके ‘दबंग’ कष्ट देते थे, जिससे तंग आकर यह पग उठाया । कई बार लगानेपर भी पुलिससे उन्हें सहायता नहीं मिली ।
स्थानीय समाचार सूत्रोंके अनुसार घर छोडकर जाते समय परिवारकी महिलाने भीतपर (दीवारपर) लिखा – ‘यह मकान बिकाऊ है’।
बताया जाता है कि, गांवमें सतपालका परिवार अपने सगे-सम्बन्धियोंके भरोसे निर्वाह करता है; क्योंकि सतपाल शारीरिक रूपसे अस्वस्थ होनके कारण कोई कार्य नहीं कर पाते । आक्षेप है कि, सतपालकी पत्नी जब गांवके नलकेपर (हैण्डपम्प) पानी भरने गईं तो उन्हें कुछ मुसलमानोंने जमकर पीटा ! पुलिसमें परिवाद (शिकायत) करनेके पश्चात भी कोई कार्रवाई नहीं हुई; क्योंकि आरोपी प्रभावशाली बताए जाते हैं । आए दिन गांवमें दबंगोंके अपशब्दोंसे (गाली-गलौज) और मारपीटसे व्यथित होकर सतपालकी पत्नीने गांव छोडनेका निर्णय लिया । रेखाके अनुसार जब बेटे मयंकको झूठे प्रकरणमें फंसानेकी धर्मान्धोंने धमकी दी तो वह डर गईं, जिसपर ३ जूनको गांव छोडकर वे सब करनाल चले गए ।
हिन्दुओ ! मुसलमान बहुल क्षेत्रमें हिन्दुओंकी यह स्थिति देखकर सजग हो जाएं और आजकी पुलिससे अपनी रक्षाकी आशा न रखते हुए ऐसी परिस्थितियोंका सामना करने हेतु स्वयंसिद्ध हों ! – तनुजा ठाकुर (८.६.२०१८)
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