उत्तिष्ठ कौन्तेय


मुसलमानपक्षी लोगोंने आतङ्कियोंके आक्रमणमें सैनिकके साथ हुई बच्चेकी मृत्युका दोष लगाया सेनापर
     जम्मू-कश्मीरके अनंतनाग जनपदमें आतङ्कियोंसे मुठभेडमें एक सैनिक हुतात्मा हुआ और इसके साथ ही एक बच्चेकी भी मृत्यु हो गई थी । पृथकतावादियों और मुसलमान समर्थकोंने इस मृत बच्चेकी आडमें यह कहा गया कि भारत कश्मीरियोंपर अत्याचार कर रहा है । साथ ही उन्होंने यह भी मांग की कि जिहादियोंको कश्मीर पहुंचानेके लिए अन्तरराष्ट्रीय संस्थाएं प्रकरणमें हस्तक्षेप करें ! उन्होंने आतङ्कियोंके दुराचारको छुपानेका प्रयास किया है और सेनापर बच्चेकी हत्याका आरोप लगाया है । ‘न्यूजलॉन्ड्री’के स्तम्भकार शरजील उस्मानीने भी इस छद्म समाचारको ‘रीट्वीट’ करके आगे बढाया । यद्यपि पुलिसने स्पष्ट किया है कि आतङ्कियोंद्वारा ‘अन्धाधुन्ध’ गोलियां चलानेसे बच्चेकी मृत्यु हो गई थी ।
      पाकिस्तानद्वारा सिन्धमें कितने लोगोंकी प्रतिदिन हत्या की जाती है; परन्तु ‘न्यूजलॉण्ड्री’के ये जिहादी न केवल आतङ्कियोंके कुकर्मोंको छुपाते हैं, वरन सेनाको अपमानित भी करते हैं । आतङ्कवादियोंका अन्त तो हमें करना ही होगा; परन्तु उससे पूर्व ऐसे इस्लामपरस्तोंका अन्त करना होगा, जो केवल झूठ प्रसारित करते हैं । भारत शासन इनपर कठोर कार्यवाही करे ! (२९.०६.२०२०)
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उत्तरप्रदेशमें जामुन तोडनेपर विवादके कारण जिहादियोंने की जयप्रकाश कुशवाहाकी हत्या
        उत्तरप्रदेशके देवरिया जनपदके सलेमपुर थाना क्षेत्रके चंदौली गांवमें शनिवार, २७ जूनको ५५ वर्षीय जयप्रकाश कुशवाहाने अपनी भैंसें जामुनके वृक्षके नीचे बांधी थीं । कुछ बच्चे जामुन तोडनेके लिए इस वृक्षपर पत्थर फेंक रहे थे, जो भैंसोंको लग रहे थे; अतः जयप्रकाश कुशवाहाने इसका विरोध किया ।
     इसपर दूसरे पक्षके कुछ जिहादियोंने आकर जयप्रकाश कुशवाहाको चोटिल कर दिया, जिससे उसकी मृत्यु हो गई । कुशवाहाके परिजन जब उन्हें बचाने आए तो उन लोगोंने उनके साथ भी मारपीट की । कुछ महिलाएं तथा पुरुष भी गम्भीर रूपसे चोटिल हुए हैं ।
पुलिसने इस घटनामें दूसरे पक्षके ७ जिहादियोंको बन्दी बनाकर उनके विरुद्ध प्राथमिकी प्रविष्ट की है ।
       जिहादी जामुनकी बातपर हिन्दू व्यक्तिकी हत्या कर सकते हैं तो आसमानी ‘किताब’के लिए क्या नहीं कर सकते हैं ?, हिन्दुओ, इसपर विचार करो और भय लगे तो अपने परिवारकी रक्षा हेतु सज्ज हों !
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‘हिजबुल मुजाहिदीन’के मारे गए आतङ्की तौसीफकी मां नसीमा बानोको, नवयुवकोंको आतङ्की बनानेके लिए बनाया गया बन्दी
       जम्मू-कश्मीर पुलिसने ‘हिजबुल मुजाहिदीन’के २०१८ में मार गए आतङ्की तौसीफकी ‘अम्मी’ नसीमा बानोको युवाओंकी नियुक्ति करने और आतङ्कवाद सम्बन्धित अन्य गतिविधियोंमें संलिप्त होनेके आरोपमें बन्दी बनाया है । उसका भाई अब्बास शेख भी एक सक्रिय आतङ्कवादी है । कुछ माह पूर्व नसीमा बानोकी बन्दूकके साथ छायाचित्र ‘सोशल मीडिया’में आए थे । चित्र तब लिए गए थे, जब वह दक्षिण कश्मीरके एक स्थानपर अपने आतङ्कवादी पुत्र तौसीफसे मिलने गई थी । नसीमा दक्षिण कश्मीरमें सक्रिय आतङ्की सङ्गठनोंके लिए शस्त्र, विस्फोटक, संचार और खाद्यान्नकी व्यवस्था करनेमें भी लिप्त थी । नसीमा बानोको बन्दी बनाए जानेके तुरन्त बाद ‘सोशल मीडिया’पर इस्लामपरस्तों तथा कट्टरपन्थियोंका कहना है कि बन्दूकधारी जिहादी निर्दोष महिला है और वह ‘हमारे समर्थनकी हकदार’ है !
      स्पष्ट है कि महिला आतङ्की है, तभी दोनों पुत्र भी आतङ्की हैं और यह सब ‘जिहाद’की देन है । भारत शासनको अब इस जिहादका अन्त करना होगा, तभी ऐसे आतङ्कियों व उनके समर्थकोंको समूल नष्ट किया जा सकता है; क्योंकि प्रथम शिक्षा घरसे मिलती है तो घरवाले ही यदि आतङ्की बनाएंगे तो शासन कितना भी एक हाथमें ‘कम्प्यूटर’ देता रहे, उससे कुछ नहीं होगा ! (२८.०६.२०)
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छेडछाडका परिवाद करवानेपर बहराइचमें ग्राम प्रधान मोहम्मद इब्राहिमने की किशोरीकी हत्या
     उत्तर प्रदेशके बहराइचमें शनिवार, २७ जूनको जिहादी ग्राम प्रधानद्वारा किशोरीका अपहरणकर गला रेतकर हत्या कर देनेका समाचार सामने आया है । पुलिसने ग्राम प्रधान मोहम्मद इब्राहिम सहित तीनपर हत्याका प्रकरण प्रविष्ट कर लिया है । इब्राहिमको बन्दी बनाकर पूछताछ भी की जा रही है । उल्लेखनीय है कि ६ दिवस पूर्व ही युवतीने इब्राहिमके विरुद्ध छेडछाडका प्रकरण प्रविष्ट कराया था । पिताने बताया कि मोहम्मद इब्राहिमने अपने मित्रोंके साथ मिलकर उनकी पुत्रीका अपहरण किया । परिवारवालोंने कोलाहल किया तो उन्हें मारनेकी धमकी दी । प्रातः उनकी पुत्रीका गला रेता हुआ शव बोरेमें मिला !
    उत्तर प्रदेशमें जिहादियोंका मनोबल बढता जा रहा है और इस प्रकरणमें तो ग्राम प्रधान ही ऐसे जिहादी कार्योंमें लगा है तो अन्य जिहादी क्या करते होंगे ?, यह अनुमान लगाया जा सकता है । इससे स्पष्ट है कि किसी जिहादीको ग्राम प्रधान तो क्या, चपरासी भी नहीं रखा जा सकता है । आए दिन हो रहे ऐसे प्रकरणोंसे तो यही ज्ञात होता है और यह भी ज्ञात होता है कि यदि हिन्दुओंको अपनी रक्षा करनी है तो किसी शासनपर नहीं, वरन सङ्गठनकी शक्तिपर विश्वास करना होगा !
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उत्तरप्रदेशमें मुसलमान युवतीसे प्रेम करनेपर जिहादियोंने युवकको मारकर वृक्षसे लटकाया
     उत्तर प्रदेशके मुजफ्फरनगर जनपदमें प्रेम सम्बन्धके कारण हत्या करनेका प्रकरण सामने आया है । समाचार रामराज थाना क्षेत्रके हाशिमपुर गांवका है, जहां अरुण नामक हिन्दू युवकका शव वृक्षसे लटका मिला । आरम्भिक जांचमें इसे आत्महत्या बताया गया; किन्तु यह हत्याके रूप में सामने आया । मृतक अरूण क्षेत्रमें रहनेवाली मुसलमान युवतीसे प्रेम करता था, इस प्रसङ्गका भान होनेपर युवतीके भाईने अरुणको धमकाया; परन्तु ऐसा न होता देख अरूणको मार देनेकी योजना बनाई । अरुण रात्रिमें उसको चाकरी प्रदान करनेवाले व्यक्ति राहुलके घर शयन करने एकाकी जाता था, जहां चारों आरोपियोंने उसकी गमछेसे गला घोटकर हत्या कर दी और भ्रमित करने हेतु शवको वृक्षपर लटका दिया । आरोपियोंके विरुद्ध अरूणके परिजनोंने थानेमें परिवादको (शिकायतको) लिखवा दिया था, जिस कारण सम्पूर्ण प्रकरण उजागर हुआ और फिरोज, अली, मोहसिनको बन्दी बनाकर कारावास भेज दिया गया ।
    जब पुलिस आरोपियोंको बन्दी बनाने गई तो जिहादियोंके परिवारने पुलिसपर प्रहार आरम्भ कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप पुलिसने कठिनतासे निकलकर अपने प्रण बचाए । इस प्रकरणपर भी प्रहार करनेवाले आरोपियोंके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट किया गया है ।
    जिस प्रकार जिहादियोंका न्याय व्यवस्थाके प्रति भय पूर्णतः समाप्त होता जा रहा है, यह चिन्ताका विषय है; क्योंकि आजका हिन्दू तो केवल पुलिस और शासनके भरोसेपर ही है । कोई उसे चोट पहुंचाए तो आत्मरक्षण हेतु उसके पास लाठी भी नहीं होती है और लवजिहादको पवित्र बन्धन बतानेवाली समाचार वाहिनियां इसपर मौन क्यों हैं ? हिन्दुओ, अब तो भाईचारेके इस छद्म चोलेका त्याग करें ! (२९.०६.२०)
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पाकिस्तानमें अपहरण की गई युवतीकी मांने इस्लामिक देशमें पैदा होना अभिशाप बताया
       पाकिस्तानमें हिन्दू युवतियोंके अपहरण और धर्म परिवर्तनकी घटनाएं जारी हैं । वहां एक और १४ वर्षीय हिन्दू युवतीका अपहरण कर लिया गया है । पाकिस्तानमें कार्य कर रहे समाजसेवी राहत ऑस्टिनके अनुसार यह अपहरण २७ जूनको सैदाबाद, हला मितारी, सिन्ध प्रान्तमें हुआ ।
    राहत ऑस्टिनके अनुसार अपहरणकर्ताने १४ वर्षीय हिन्दू युवती नसीबनका अपहरण यौन शोषण और धर्म परिवर्तनके उद्देश्यसे किया है । राहतने ‘ट्विटर’पर एक ‘वीडियो’ साझाकर यह जानकारी दी है । इस ‘वीडियो’में पीडित युवतीकी मांकी रो-रोकर बुरी स्थिति है । वह रोते-रोते बार-बार यही कह रही है, “इस्लामिक देशमें पैदा होना एक अभिशाप है ।”
    हिन्दू माता-पिता सम्पूर्ण जीवन देकर अपनी पुत्रियोंको बडा करते हैं; इसलिए नहीं कि उसे जिहादियोंको शोषण हेतु सौंप दे; परन्तु इस्लामिक देशोंमें यही स्थिति है; अतः ऐसे अमानवीय देशोंका व ऐसे जिहादियोंका अन्त ही इसका समाधान है, जो अब रामराज्यकी स्थापनापर ही होगा; क्योंकि आजका हिन्दू लाठी चलाना भी नहीं जानता, तो उसे स्वयंके लिए लडनेको कहा भी कैसे जाए ? (२९.०६.२०२०)
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भारत शासनने लगाई ‘टिकटॉक’ सहित ५९ चीनी ‘ऐप्प’पर रोक
       चीनके साथ जारी तनावके मध्य केन्द्र शासनने ५९ चीनी ‘ऐप्प’पर रोक लगा दी है, जिनमें ‘टिकटॉक’ भी सम्मिलित है । इसके अतिरिक्त ‘यूसी ब्राउजर’, ‘कैम स्कैनर’ सदृश और भी कई प्रतिबन्धित किए गए हैं । शासनने इन्हें सुरक्षाकी दृष्टिसे संकटप्रद बताया है ।
    शासनने कहा कि ये सारे ऐप्स भारतकी सम्प्रभुता, अखण्डता, प्रतिरक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्थाके लिए सङ्कट हैं । शासनने भारतीय नागरिकोंके ‘डेटा’की सुरक्षा और निजतापर चिन्ता प्रकट करते हुए कहा है कि ‘एंड्रायड’ और ‘iOS’पर ये सारे ‘ऐप्स’ सूचना चुराते हैं और विदेशोंमें स्थित ‘सर्वर’पर भेज देते हैं । सूचना और प्रौद्योगिकी मन्त्रालयने भी कहा है कि ये बिना उपभोक्ताको बताए, उस सूचनाका प्रयोग अनुचित ढङ्गसे करते हैं ।
       भारत शासनद्वारा उठाया गया यह पग देरीसे है; परन्तु निश्चित ही सराहनीय है । चीनकी ‘ऐप्स’से सूचना चुरानेकी बातें बहुत समयसे की जा रही थीं; अतः ये पहले ही प्रतिबन्धित की जानी चाहिए थी । साथ ही अब भारत शासन चीनके व्यापारको भी पूर्णतः समाप्त करे, जिससे उसकी शक्तिको समाप्त करनेमें सहायता मिले !
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पाकिस्तानके सिन्धमें १०२ हिन्दुओंका बलपूर्वक धर्म परिवर्तन, मन्दिरको मस्जिदमें किया परिवर्तित
      पाकिस्तानके सिन्ध प्रान्तमें एक बार पुनः बडी सङ्ख्यामें हिन्दुओंका बलपूर्वक धर्मान्तरणका प्रकरण सामने आया है । बाडिन जनपदके अन्तर्गत आनेवाले गोलेरचीमें १०२ हिन्दुओंको बलात इस्लाममें परिवर्तित किया गया है ।
‘टाइम्स नाउ’के अनुसार, इन १०२ हिन्दुओंमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी सम्मिलित हैं । इतना ही नहीं यहांके स्थानीय मन्दिरमें रखी गई हिन्दू देवताओंकी सभी मूर्तियोंको नष्ट कर दिया गया और उसे मस्जिदमें परिवर्तित कर दिया गया है ।
     हिन्दुओंने कहा कि तबलीगी जमातके लोगोंने उन्हें प्रताडित किया, उनके घरोंमें तोडफोड की और इस्लाम स्वीकार नहीं करनेपर एक हिन्दू युवकका अपहरण भी कर लिया । तबलीगी जमातके अपहरणकर्ता उक्त युवकको छोडनेके लिए रुपए-पैसेकी मांग नहीं कर रहे थे । उनका कहना था कि अगर अपहृत युवकका परिवार इस्लाम अपना लेता है तो उसे छोड दिया जाएगा; परन्तु परिवार इसके लिए सज्ज नहीं था । पाकिस्तानकी हिन्दू महिलाको भूमिपर गिरकर रोते हुए देखा जा सकता है, जहां वो अपने पुत्रको छोडनेके लिए कह रही है । महिलाके आसपास हिन्दू समाजके अन्य लोग खडे हैं, जो हाथोंमें फलक (पोस्टर) लेकर मुसलमानोंद्वारा किए जा रहे अत्याचारके विरुद्ध विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं ।
१९४७ में जब विभाजन हुआ ही था तब जनसंख्या लका आदान-प्रदान न होना आज भी दुखदाई है । भारत शासन, पाकिस्तानपर अन्तरराष्ट्रीय दबाव बनवाकर, वहांके अल्पसंख्यकोंकी सुरक्षा सुनिश्चित करे अन्यथा उसे दण्ड ही एकमात्र विकल्प होगा ।


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