उत्तिष्ठ कौन्तेय


१. उत्तर पूर्वी देहलीमें हुए उपद्रवोंमें उपद्रवियोंने भांति-भांतिके शस्त्रोंका उपयोग किया था, जिनमें सबसे बडा शस्त्र ‘गुलेल’ रहा । कई क्षेत्रोंमें भडकी हिंसाके मध्य ‘गोली-बम’से अधिक घातक गुलेल सिद्ध हुई है । यह छत, तिपहिया वाहन (रिक्शे) और अन्य स्थानोंपर रखकर उपयोग की गई । हिंसाकी जांच कर रही देहली पुलिस अपराध शाखाकी ‘एसआईटी’को कई क्षेत्रोंकी छतोंपर गुलेल मिल रही है !
       इससे हिन्दुओंको बोध होना चाहिए कि जिहादी हिन्दुओंके नरसंहार हेतु पूर्वसिद्धता रखते हैं और भाईचारा केवल भ्रम होता है; अतः अपनी सुरक्षा हेतु स्वंय संगठित हों !
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२. देहलीमें हुए हिन्दू-विरोधी उपद्रवोंमें सामने आया है कि २० वर्षीय दिलबर सिंह नेगीके हाथ और पांवको उपद्रवियोंने काटनेके पश्चात जलते हुए घरकी आगमें फेंक दिया था ! वे उत्तराखण्डसे मात्र ६ माह पूर्व ही कार्य हेतु देहली आए थे ।
      इसप्रकारकी क्रूरतासे, मुसलमानोंके मनमें हिन्दुओंके लिए कितना द्वेष है, यह भान होता है और हिन्दू प्रत्येक क्षण भाईचारेका राग अलापते नही थकते !
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३. देहलीके द्वारका क्षेत्रमें ‘सेंट ग्रेगोरियस’ विद्यालयके सातवीं कक्षाके सामाजिक विज्ञान प्रश्रपत्रमें सिखोंके दसवें गुरु श्री गुरु गोबिन्द सिंहजीद्वारा स्थापित ‘खालसा’ पंथको आतंकवादी पंथ बताया गया ! इस विषयका अभिज्ञान होते ही देहलीके सिख समुदायने विद्यालयके प्रधानाचार्य व केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ‘सीबीएसई’को ज्ञापन सौंपा है एवं विद्यालयपर आगे कार्यवाहीकी मांगकी है।
        विडम्बना है कि ईसाई विद्यालय ये कुसंस्कार देकर हिन्दुओंके बच्चोंको नैतिक रूपसे भ्रष्ट कर रहे हैं और इनमें अपने बच्चोंको ईसाई विद्यालयोंमें भेजनेवाले हिन्दू माता-पिताको यह दिखाई नहीं देता है ! ऐसे विद्यालयोंका समाजमें होना ही घातक है; अतः शासनने इनकी मान्यता निरस्तकर इन पर तुरन्त कार्यवाही करनी चाहिए ।
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४. देहलीमें हुए उपद्रवमें अब ‘आप’के एक और मुसलमान विधायक हाजी युनूसका नाम सामने आ रहा है । शिव विहारके स्थानीय निवासीके अनुसार विधायक हाजी युनूसने उपद्रवसे एक घंटा पूर्व हिन्दू बहुल क्षेत्रोंमें शांति यात्रा निकाली, तत्पश्चात विधायक हाजी वहां स्थित एक मस्जिदमें मन्त्रणा करने हेतु गया । उसके कुछ समय पश्चात ही हिन्दुओंके ऊपर ४०० लीटर पेट्रोलके साथ आक्रमण कर दिया गया !
       इस घटनासे ज्ञात होता है कि धर्मान्ध चाहे जनसेवकके पदपर ही क्यों न पदस्थ हो; किन्तु उसकी चेष्ठा सदैव ही हिन्दुओंको नष्ट करनेकी होगी । ऐसे विधायककी सदस्यता तुरन्त निरस्तकर कठोर दण्ड दिया जाना चाहिए !
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५. ‘रिपब्लिक वर्ल्ड’ने एक ‘विडियो’के माध्यमसे बताया कि फिरोज खानकी शिल्पशाला (फैक्ट्री), जिसका नाम ‘दीपक बैंड’ है, उसके बाहर देहली पुलिसका फलक लगा था और भीतर ‘सल्फ्यूरिक एसिड’ और ‘सल्फर’से भरे ड्रमोमें ‘गंगाजल’ लिखा था ! उल्लेखनीय है कि यहींसे उपद्रवके लिए मुसलमान क्षेत्रोंमें भारी मात्रामें ‘तेजाब’की आपूर्तिकी गई थी ! स्थानीय लोगोंका कहना था कि उसका पिता देहली पुलिसमें कार्यरत है ।
        स्पष्ट है कि जिहादी भारतको मुसलमान राष्ट्र बनानेके लिए पूर्वसिद्धता कर रहे थे, इतना सब होनेके पश्चात भी क्या हिन्दू अपने इस भाईचारेके भ्रमसे जागेंगे ?
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६. शनिवार, २९ फरवरीको ‘द पायनियर’के वरिष्ठ पत्रकार जे. गोपीकृष्णनने एक ‘ट्वीट’कर बताया कि किसप्रकार एक अमेरिकी समाचार पत्रने उन्हें देहलीके हिन्दू विरोधी उपद्रवको साम्प्रदायिक आधारपर बताता एक १००० शब्दका लेख लिखनेके लिए १५०० अमेरिकी ‘डॉलर’का (लगभग १ लाख १० सहस्र रुपए) प्रस्ताव किया ! उन्होंने इन संस्थानोंको ‘क्रुक्स’ कहा तथा भारतीय पत्रकारोंको भी कुछ सौ ‘डॉलर्स’के लिए अपनी आत्माको बेचनेवाला बताया !
       गोपीकृष्णनजी अपने इस वक्तव्यके लिए अभिनन्दनके पात्र है । ठग मीडिया संस्थान एक छद्म दृष्टिकोण बनाते हैं, जिसके कारण आज समाजकी इतनी बुरी स्थिति हो गई है । हिन्दुओ ! अब इन ठगोंका बहिष्कार करें !


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