उतिष्ठ कौन्तेय – ०३/०४/२०२०


१. तेलगानाके गांधी चिकित्सालयमें कुछ संक्रमित धर्मान्धोंने एक बडे समूहमें चिकित्सालयमें एकत्रित होकर वहांके नियमोंके अवमानना और मनमानी करते हुए नमाज पढते हुए पाए गए, जबकि उनके लिए बिछावन भी एक मीटरकी दूरीपर लगाए गए थे । चिकित्सक मंडलीके द्वारा भय प्रट करनेपर शासनने उनके विरुद्ध कार्यवाही करनेका आश्वासन दिया ।
– _यदि चिकित्सालयमें भी एकत्रित होकर ही रहना है तो ऐसे उपद्रवियोंपर इतना व्यय करना व्यर्थ है । शासनको इन्हें चिकित्सालयके स्थानपर कारावासमें भेजना चाहिए ।
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२. इन्दौरके टाटपट्टी बाखल और सिलावट पुरामें ‘कोरोना’की जांचके लिए गए चिकित्सकोंके दलपर जिहादियोंने पथराव किया, जिसके पश्चात दलको वहांसे भागना पडा । इतना ही नहीं जब सूचनापर पुलिस पहुंची तो आरोपियोंने महिलाओंको आगे कर दिया तत्पश्चात घरोंकी छतोंसे पुलिसपर पथराव किया और वहां लगे अवरोधकों (बैरिकेडिंगको) भी तोड दिया ।
   सभी जिहादी एक ही रंगमें समूचे देशमें उपद्रव कर रहे हैं, इससे इनकी कथित ‘मजहबी’ शिक्षाका बोध होता है, जो अब भारतके लिए संकट बनने लगी है, इसपर शासन त्वरित ध्यान दे ! एवं चिकित्सक मंडली इनकी चिकित्सा करना छोड दें तो ही इन्हें चिकित्सकोंका महत्त्व समझमें आयेगा |
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३. ‘तबलीगी जमात’के प्रमुख मोहम्मद साद कंधालवी, जिसके उपदेशको सुननेके लिए न केवल भारतके भिन्न-भिन्न राज्योंसे लोग एकत्र हुए, वरन विदेशोंसे भी लोग आए, उसने न केवल अनुचित जानकारी फैलाई, वरन लोगोंको अनुचित मार्गपर चलनेको भी भडकाते हुए चिकित्सकों, शासन, प्रशासन और विज्ञानको नकारते हुए मस्जिदोंमें अधिकसे अधिक एकत्रित होनेके लिए कहा तथा ‘लॉकडाउन’को एक शासकीय प्रायोजित कार्यक्रम बताया और कहा कि यह मस्जिदोंको ‘आबाद’ करनेका अवसर है । इससे लडनेके लिए अल्लाहका आजाब हटानेके लिए घरमें मत बैठो, महिलाओंको, बच्चोंको, जानवरोंको, बकरियोंको सबको मैदानमें ले आओ और अल्लाहकी सहायतासे इस ‘आजाब’को हटाओ ।
   शासन त्वरित कंधालवीको बन्दी बनाए और जिस जमातके बलपर ये विष उगलते हैं, उसे भारतसे समाप्त करे, अब प्रत्येक राष्ट्रप्रेमी हिन्दू यही चाहता है !
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४. देहलीके निजामुद्दीनमें हुए इस्लामी सम्मेलनके पश्चात विभिन्न राज्योंके लिए प्रस्थान किए जमातियोंने हरियाणाके विभिन्न जनपदोंमें प्रवेश किया है । इनमेंसे अधिकतर तमिलनाडुके जमाती हैं । मंगलवारतक हरियाणा शासनके पास अनुमानित २०० जमातियोंके प्रवेशकी सूचना थी, जो बुधवारको बढकर ५०३ हो गई, जिसमेंसे ७२ विदेशी हैं । प्रशासन जमातियोंकी खोजमें त्वरित लग गया है ।
    ऐसे जिहादियोंके कारण देशकी कितनी बडी हानि होगी ?, इसकी कल्पना भी नहीं की जा सकती है । अब भी समय है शासन जाग जाए और यह तुष्टिकरण बन्दकर इन सभीपर ‘रासुका’ लगाकर कडी कार्यवाही करे ।
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५. निजामुद्दीन स्थित मरकजमें ‘तबलीगी जमात’के आयोजनसे ‘कोरोना’ विषाणुके संक्रमणका संकट  समूचे देशमें फैलनेसे पूर्व ‘बीबीसी’ कर्मी और अब ‘न्यूज 24’ समाचार वाहिनीकी पत्रकार साक्षी जोशीने उनके पक्षमे ‘इण्डिया टुडे’का एक ‘लिंक’ साझा करते हुए अपने ‘ट्वीट’में भ्रम फैलाते हुए लिखा है कि तिरुमला तिरुपति मन्दिरमें श्रद्धालुओंके आगमनपर प्रतिबन्ध तबलीगी जमात प्रकरणके पश्चात चुपचापसे लगा दिया ! जबकि सत्य यह है कि मन्दिर १९ मार्चको ही बंद करके सभी पूजा एवं अनुष्ठान ३१ मार्च तकके लिए निरस्त कर दिए गए थे ।
   कथित धर्मनिरपेक्षताके नामपर देशको ठगनेवाले और पत्रकार होकर असत्य प्रसारित करनेवाले ऐसे लोग कठोर दण्डके पात्र हैं ! मोदी शासन समाचार वाहिनीको इस पत्रकारपर कार्यवाहीके लिए बाध्य करे !
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६. निजामुद्दीन जमातमें सम्मिलित हुए जिहादियोंकी खोजमें लगी पुलिसपर बिहारके मधुबनी जनपदके अंधराठाढीमें आक्रमण किया गया ! वहां मस्जिदमें जांच करने गई पुलिसपर आक्रमणके कई विडियो सामाजिक जालस्थलपर आए हैं । वहां भीडद्वारा पुलिसके वाहनको जलाशयमें पलट दिया गया व‌ उनपर गोलियां भी चलाई गई ! अभी घटनासे सम्बन्धित ४ धर्मान्ध बन्दी बनाए गए हैं ।
      दिन प्रतिदिन होती घटनाएं जिहादियोंके वास्तविक रूपको सभीके समक्ष प्रस्तुत कर रही है । अब यह पूर्णतः स्पष्ट है कि इन धर्मान्धोंमें राष्ट्रभक्तिकी भावना लेश मात्र भी नहीं है; अतः ऐसे देशद्रोही इस देशमें रहने योग्य भी नहीं हैं ।


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