उत्तिष्ठ कौन्तेय


१. नागरिकता संशोधन विधेयकके विरुद्ध हो रहे प्रदर्शन केरलमें नवीन रूप धारण कर रहे हैं । समाचारके अनुसार सम्प्रदायवादी विचारधारावाले दलोंने एक प्रवासी भारतीय उद्योगपतिको चेतावनीपूर्ण पत्र लिखकर इस विरोध प्रदर्शनके समर्थन हेतु धनकी मांगकी है ! यह चेतावनीपूर्ण पत्र उन्हें उत्तर-भारतसे लिखकर उन्हें प्रेषित किया गया है ! पत्र लिखनेवालेने बताया है कि अनेक उद्योगपति उन्हें गुप्त रूपसे धन दे चुके हैं !
      इसमें कोई शंका नहीं कि इस प्रकार एकत्रित किए हुए धनका उपयोग देहलीमें हुऐ उपद्रव आदिमें ही किया जा रहा है और विचित्र है कि केन्द्र शासन इससे अनभिज्ञ है ! केन्द्र इस प्रकरणमें त्वरिछ्त जांचकर कार्यवाही करे और आतंकियोंकी अपरोक्ष रूपसे समर्थक केरल शासनको शीघ्रातिशीघ्र निरस्त करें !
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२. ‘सीएए’के विरोधमें अलीगढमें पुरानी चुंगीके बाहर चल रहे धरनेको हटवानेके पश्चात पुलिसने २ मार्चको उस क्षेत्रका भ्रमण किया, जहांसे महिलाएं प्रदर्शनमें आ रही थी । फिरदौस नगरमें एक वृद्ध महिलाने बताया कि उसका पति उसे खाने-पीनेके लोभ देकर उसे प्रदर्शनमें भेजते थे । महिला व पुलिसकी वार्ताका ‘वीडियो’ भी प्रसारित हुआ । वहां धरना देनेवाले १५ लोगोके घरोंमें अधिसूचना (नोटिस) लगा दिए गए हैं ।
         इससे ज्ञात होता है कि महिलाओको खाने-पीनेका लोभ देकर ‘सीएए’के विरुद्ध भीड एकत्रकी जा रही है। वास्तवमें धर्मान्धोंका उद्देश्य, ‘गजवा-ऐ-हिन्द’ है, जिसे हिन्दू व शासन देख ही नहीं पा रहें !
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३. ‘न्यूज पॉर्टल’ ‘ऑप इंडिया’के माध्यमसे एक विडियो सामने आया है, जिसमें एक इस्लामी नेता मुसलमानोंको हिन्दुओंके आर्थिक बहिष्कार करनेके लिए व हिन्दुओंके ‘पेट्रोल पम्प’पर वाहनोंमें तेल भराने न जाने, हिन्दुओंके वाहनोंपर न चढने और न ही उनकी दुकानोंसे औषधियां क्रय करनेको कह रहा है !
      इससे जिहादियोंके मनमें हिन्दुओंके प्रति कितना विष भरा है ?, यह ज्ञात होता है ! हिन्दुओ ! अब समय है कि एकजुट होकर ऐसे जिहादियोंको प्रखर उत्तर दें !
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४. देहली उपद्रवपर शिव विहारमें रहनेवाले अंकितने  बताया कि यहां सबसे ऊंचा भवन एक मुसलमानका राजधानी विद्यालय ही था, जिसका उपद्रवियोंने दुरुपयोग किया । उपद्रवसे पूर्व राजधानी विद्यालयसे सभी मुसलमानोंके बच्चोंको सुरक्षित निकालकर घर भेज दिया जाता है, वहीं हिन्दुओंके बच्चोंको बंधक बना लिया जाता है । दूसरी ओर पासके ही हिन्दू व्यक्तिके विद्यालय ‘डीआरपी’में मुसलमान अभिवावक हिंसा आरम्भ होनेसे पूर्व ही अपने बच्चोंको बिना कारण बताए विद्यालयसे ले आए !
        इससे स्पष्ट है कि यह उपद्रव जिहादियोंद्वारा पूर्वनियोजित था और यह उन हिन्दुओंके लिए शिक्षा है, जो भाईचारेका राग अलापते नहीं थकते !
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५. देहलीमें हुए उपद्रवके सन्दर्भमें ‘विकिपीडिया’पर बैंगलुरूके ‘इंटेल’ संस्थानमें कार्यरत वरिष्ठ सम्पादक व ‘पण्डित दीन दयाल उपाध्याय ‘के पेजसे ‘पंडित’ हटानेवाले तथा ‘चौंकीदार चोर है’ नामक लेख बनानेवाले ‘DBigXray’ने (दीपेश राजने) ‘नॉर्थ-ईस्ट दिल्ली दंगे’ नामक पृष्ठ बनाया, जिसमें उसने इस उपद्रवको मुसलमानोंके विरुद्ध बताया व अमानतुल्लाह, तारिक सदृश आतंकी मानसिकताके मुसलमानोंके सभी भडकाऊ भाषण आदि कुकृत्योंको छुपाते हुए भाजपा नेता कपिल मिश्राको भडकानेवालेकी श्रेणीमें रखा !
          ऐसे कथित शिक्षित युवा ही आज देश व धर्मपर एक बोझ बन गए हैं और यह इस निधर्मी शिक्षण प्रणालीका ही परिणाम है ! ऐसी विक्षिप्त मानसिकताके लोगोंका सभी धर्मनिष्ठ हिन्दुओंने मुखर होकर विरोध करना चाहिए !
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६. गोवाकी अपराध शाखाने (क्राइम ब्रांचने) हिन्दू युवा सेनाकी परिवादपर (शिकायतपर) कांग्रेस नेता रामकृष्ण जालमीको भगवान परशुरामका अपमान करनेके प्रकरणमें बन्दी बनाया है ।  जालमीपर आरोप है कि उन्होंने भगवान परशुरामपर आपत्तिजनक टिप्पणी की व उन्हें आतंकी व ‘बलात्कारी’ बताया !
         कांग्रेस नेताद्वारा भगवान परशुरामका अपमान करना उनके सनातन धर्मके प्रति विषैली मानसिकताको प्रकट करता है । सभी धर्मनिष्ठ हिन्दू ऐसे निधर्मी व्यक्तियोंका मुखर होकर विरोध करें !
(०४/०३/२०२०)


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