उतिष्ठ कौन्तेय


उतिष्ठ कौन्तेय (०५/०४/२०२०)

१. गाजियाबादके चिकित्सालयमें प्रविष्ट महामारीसे संक्रमित तबलीगी जमातके सदस्योंने महिला परिचारिकाओंके (नर्सोंके) साथ अभद्रता की, उन्होंने उनसे कहा कि ‘हैदराबाद’ चलो, ‘जन्नत’की ‘सैर’ कराएंगें, इसके अतिरिक्त उनके आगे सीटी बजाना, नग्न होना, उन्हें छूने तथा उनसे धूम्रपानकी सामग्रीके लिए प्रताडित किया । इसपर मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथने कहा है कि यह तो निर्धारित है कि ये सभी लोग न विधानको मानेंगे, न व्यवस्थाको । इनके साथ कडा व्यवहार करने और इन्हें विधानका पालन करना सिखानेकी आवश्यकता है । हम उत्तरप्रदेशको इन्दौर नहीं बनने देंगें और साथ ही योगीजीने स्वास्थ्य कर्मियोंके साथ अभद्रता करने और उनपर आक्रमण करनेवाले लोगोंके विरुद्ध ‘रासुका’ लगानेका निर्देश दिया है ।
    हिन्दुत्वनिष्ठ योगीजीसे इसी कार्यवाहीकी अपेक्षा थी । अब वे इसपर और कठोरता दिखाते हुए उत्तर प्रदेशमें जमातके सभी छोटे-बडे केन्द्र और उनका साथ देनेवाले कथित इस्लामिक संस्थानोंको भी बन्द करें, जिससे ऐसे धर्मान्धोंको मिलनेवाले बाहरी धन व शक्तिका अन्त हो; क्योंकि भारतके सभी मुख्यमंत्रियोंके समक्ष आपको आदर्शके रूपमें हम देखना चाहते हैं !
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२. तबलीगी जमातके कारण सम्पूर्ण भारतमें कोरोना विषाणुओंका संक्रमण फैलनेके पश्चात अब देहली पुलिसने जमातके सभी सात प्रमुख सदस्योंको आदेश दिया है कि वह मार्चके कार्यक्रममें सम्मिलित हुए व्यक्तियोंकी जानकारी, अपनी आयके स्रोत व गत तीन वर्षोंके आयकर प्रतिवेदन उपलब्ध करवाएं ! इसके अतिरिक्त इनसे पूछा गया है कि क्या उन्होंने इतने वृहद आयोजनके लिए प्रशासनकी अनुमति ली थी, क्या उन्हें इसकी लिखित अनुमति दी गई थी और क्या आलमी मरकजने प्रशासनसे किसी और प्रकरणमें सम्पर्क किया था ?
          यह जानते हुए भी यह जमात भारतमें किस उद्देश्यसे जिहादियोंको एकत्र करता है, प्रशासन अब निद्रासे जागा है तो क्या अब ऐसे राष्ट्रद्रोही संस्थानको भारतसे तत्काल आदेशद्वारा प्रतिबंधित किया जाएगा या अभी भी दो चार वर्ष इसके जांचमें ही जाएंगे !
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३. निजामुद्दीनमें मरकजके पास वाली गलीमें एक ७४ वर्षीय दुकानदारकी मुत्यु कोरोना विषाणुके कारण हो गई है । उल्लेखनीय है कि इसीसे मरकजके जमाती समान क्रय करते थे और ‘मोहल्ले’के स्थानीय निवासी भी समान क्रय करते हैं, जिस कारण समूचे क्षेत्रमें भयका वातावरण बना हुआ है । पुलिसके अनुसार अब विक्रेताके परिवारके सदस्योंकी जांच कराई जाएगी । इसके लिए स्वास्थ्य विभागके दलको निर्देश दिए गए हैं ।
     शासन यदि पहले ही जमातपर कोई कडा पग उठाता तो यह महामारी इतनी बुरी स्थितिमें कदापि न पहुंचती, अब भी शासन आगेके लिए इससे शिक्षा ले और आगेसे ऐसे लोग एकत्र न हों, इसपर कठोर हो; क्योंकि एकत्र होकर या तो ये महामारी फैलाएंगें या जिहाद करेंगें, दोनों ही देशके हितमें नहीं !
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४. मध्य प्रदेशके रायसेनमें तिपट्टा विपणिके (बाजारके) निकट टीनवाली मस्जिदके पास फलोंका ठेला लगानेवाले शेरू मियांका एक ‘विडियो’ समाजिक जालस्थलपर प्रसारित हुआ है, जिसमें वह फलोंको जूठा कर रहा है और उसपर अपना थूक लगा रहा है । शेरू मियांकी पुत्रीने अपने पिताका पक्ष लेते हुए कहा है कि उसके पिताका स्वास्थ्य ठीक नहीं है और यह वह अपनी ‘नोट’ गिननेकी वृत्तिके कारण करते हैं । उल्लेखनीय है कि प्रतिदिन ऐसे कई ‘विडियो’ सामाजिक जालस्थलपर आ रहे हैं, जिनमें मुसलमानोंको कोरोना संक्रमण फैलानेके कृत्य करते देखे जा सकता है ।
   नोट गिननेकी वृत्तिसे कोई एक-एक फलपर थूक कैसे लगाएगा ?, यह समझके बाहर है । वास्तवमें यह  जिहाद ही  है, जो भारतमें भी शरिया और इस्लामका राज्य स्थापित करना चाहता है और दुर्भाग्यवश हम इन्हें देशमें ढो रहे हैं !


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