उत्तिष्ठ कौन्तेय


घाटीके युवाओंको विनष्ट करनेकी योजना असफल नोटोंकी गड्डियां और विष देख आश्चर्यचकित रह गए लोग
जम्मू-कश्मीरके हंदवाडामें पाकिस्तान प्रायोजित ‘नार्को-टेरर मॉड्यूल’का सच उजागर हुआ है । पुलिसने लश्करके आङ्तकियोंके तीन सहायकोंको, जिनके नाम मोमिन पीर, इस्लाम-उल-हक पीर और सैयद इफ्तिकार इंद्राबी है,को पकडनेमें भी सफलता पाई है । इनके पाससे २१ किलो हेरोइन, १.३४ कोटि रुपयेकी भारतीय मुद्रा, रुपये गिननेवाली एक ‘मशीन’ भी मिली है । ये तीनों हंदवाडडाके ही रहनेवाले हैं । ये सभी आङ्तकियोंको सहायता पहुंचानेके साथ ही घाटीके युवाओंके जीवनमें विष घोलनेका कार्य भी करते थे ।
उल्लेखनीय है कि यह ‘नार्को-टेरर मॉड्यूल’ लश्करके आदेशपर कार्य करता था । स्थानीय युवाओंको पथभ्रष्टकर आङ्तकके मार्गपर ले जानेका कार्य भी इसकेद्वारा किया जाता था । लश्करके ये सहायक युवाओंको धनका लालच भी देते थे । पुलिसने प्राथमिकी प्रविष्टकर ली है । इन सभीसे पूछताछ की जा रही है । घटनाकी जांच करनेके लिए ‘एसआईटी’ भी गठितकर दी गई है ।
 पाकिस्तानके पास अपने देशके लोगोंको भोजन देश देनेके लिए तो धन है नहीं; परन्तु भारतमें आङ्तक फैलानेके लिए धन है । भारत पता नहीं कबतक अपने देशके युवाओंके जीवनसे खिलवाड व आङ्तकको सहन करता रहेगा । इन सबका एकमात्र उपाय आर-पारका युद्धकर पाकिस्तानको दण्ड देना ही है ।
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हिन्दुओं, ब्राह्मणों और प्राचीन इतिहासके प्रति घृणासे ग्रस्त हैं ‘विश्व बुक्स ‘ प्रकाशनकी पुस्तकें 
हमारे देशमें कुछ प्रकाशन ऐसे हैं जो हमारे ही धर्मपर आक्रमण करते हैं । इनमें ‘विश्व बुक्स’ भी एक है । जिसकी पुस्तकोंमें हिन्दुओंके लिए मात्र घृणा होती है । इनकेद्वारा प्रकाशित पुस्तकोंके शीषकोंपर ध्यान दीजिए !
 ‘धार्मिक कर्मकाण्ड-पण्डोंका चक्रव्यूह’, ‘धर्म एक धोखा’, ‘धर्मका श्राप-आतंक, वीभत्सता, क्रूरता एवं बर्बरताका जनक’, ‘द हिस्ट्री ऑफ हिन्दुस् – द सागा ऑफ डिफिट्स’, ‘भागवत पुराण कितना अप्रासंगिक’, ‘तुलसीदास – द मिसगाइडर ऑफ हिन्दू सोसाइटी’, ‘क्या हिन्दू नारी आजभी उपेक्षित है ?’, ‘धर्मका धंधा’, तथा ‘कितने अप्रासंगिक हैं धर्मग्रन्थ’ आदि
 ‘विश्वबुक्स’ दिल्ली प्रेस समूहका ही एक भाग है । दिल्ली प्रेससे ९ भाषाओंमें ३२ मासिकोंका प्रकाशन होता है । इनका उद्देश्य हिन्दुओंको धर्मविमुख करना है ।
 फ्रांसके समाचार पत्रमें प्रकाशित किसी सन्देशवाहकके एक ‘कार्टून’पर आतंकी आक्रमण तथा हत्याएं हो गईं । हमारे देशकी राजधानीमें हिन्दू समुदायके विरुद्ध वर्षोंसे चलते इस षड्यन्त्रपर सब मौन हैं । इसका प्रखर विरोध सर्वत्र होना आवश्यक है । इन्हें निश्चित ही विदेशोंसे भी आर्थिक सहायता मिल रही होगी । ऐसे धर्मद्रोहियों तथा असत्यका प्रसार करनेवालोंको दण्डित करनेका प्रावधान होना चाहिए । हिन्दू भी अपने बन्धु-बान्धवों तथा परिचितोंको इस प्रकारके षड्यन्त्रसे सतर्क करें !
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मुस्लिम तान्त्रिकने फैलाया कोरोना संक्रमण
मध्य प्रदेशके रतलाममें एक ढोंगी मौलाना कोरोना महामारीका उपचार हाथ चूमकर करता था । क्षेत्रमें असलम बाबाके रूपमें यह जाना जाता था । असलमका मूल नाम अनवर शाह था । रतलामके नयापुरा क्षेत्रमें रहकर झाडफूंक करता था । सीधे-साधे लोग इसके चक्करमें फंसकर उपचार करवाने आते थे । असलम रोग दूर करनेके नामपर लोगोंसे बहुत धन लेता था । कोरोना महामारीका भी इसने उपचार करनेका झांसा दिया था । यह ४ जूनको कोरोना संक्रमणसे मर गया और इसके सम्पर्कमें आए २९ लोग कोरोनासे संक्रमित हैं, जिसमें ७ इसके परिवारके लोग हैं ।
यह मुस्लिम था; परन्तु कुछ ही समाचारपत्रोंने एवं जालस्थलोंने इस सत्यको बताया है । अधिकांश समाचारपत्रोंने इसके नामको छुपाया तथा इसे इस रूपमें प्रचारित किया कि जैसे यह कोई हिन्दू बाबा हो ! इसके झांसेमें आनेवाले अधिकांश संक्रमित हिन्दू हैं और उन्हें सम्भवतः अपनी मूर्खताका दण्ड मिला है । हिन्दुओं इनसे सचेत रहो और दूर रहो !
(१२.०६.२०२०)
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बंगालमें प्राथमिक कक्षाके विधार्थियोंको अंग्रेजी शब्द ‘अग्ली’का (ugly) तात्पर्य अश्वेत बतानेपर अभिभावकोंने किया विरोध 
बंगाल राज्यमें बर्दवान जनपदके प्राथमिक विद्यालय ‘म्युनिसिपल गर्ल्स हाई स्कूल’की अंग्रेजी वर्णमालाका ज्ञान देनेवाली पुस्तकमें ‘अग्ली’के अर्थको समझाते हुए अश्वेत व्यक्तिके चित्रको पर्यायके रूपमें दर्शाया गया है । इस चित्रको पाठ्यक्रमकी पुस्तकमें देखते हुए अभिभावकोंने अब विरोध जताया है । ‘इंडिया टुडे’के प्रतिवेदनके अनुसार इस सम्बन्धमें अभिभावकोंने पुस्तकको लौटा लेनेको कहा है तथा अपनी प्रतिक्रिया साझा करते हुए ऐसी शिक्षा बच्चोंमें हीनभावना उत्पन्न करेगी, यह टिप्पणी की है । यह प्रकरण अमेरिकामें पुलिसद्वारा जॉर्ज फ्लायडकी मृत्युके उपरान्त विश्वभरमें जातिवादके विरोधमें होते प्रदर्शनोंके बाद ही संज्ञानमें आया है । उल्लेखनीय है कि बंगालके विद्यालयोंमें छात्रोंको पढाई जानेवाली पुस्तकोंमें ऐसी त्रुटि प्रथम बार सभीके समक्ष नहीं आई है । इससे पूर्व भी बंगालके ही एक विद्यालयमें ‘फ्लाइंग सिख’को दर्शाने हेतु चलचित्र अभिनेता फरहान अख्तरका चित्र साझा किया गया था, जबकि यह सर्वविख्यात है कि ‘फ्लाइंग सिख’की उपाधि भारतीय खिलाडी मिल्खा सिंहको ही मिली हुई है ।
शिक्षा राष्ट्रके सभी व्यक्तियोंका मौलिक अधिकार है; परन्तु इस प्रकारके भेदभावकी भावनाका प्रसार करनेवाली शिक्षा राष्ट्रवादसे भी कोसों दूर है । आनेवाले हिन्दूराष्ट्रमें सभी विद्यार्थियोंको केवल धर्म और राष्ट्रवादकी भावनासे ओतप्रोत ज्ञान ही प्रदान किया जाएगा । (१२.०६.२०)
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नेपालने सीमापर एक भारतीयकी गोली मारकर हत्याकी तथा अन्य ४ भारतीयोंको गोली मारकर चोटिल किया 
नेपाल पुलिसने बिहार-नेपाल सीमापर सीतामढीके निकट गोलीचालन किया । जिसमें एक भारतीयकी मृत्यु हुई तथा ४ भारतीय चोटिल हुए जिन्हें चिकित्सालय ले जाया गया । किसी भारतीय महिलाके नेपाल सीमामें किसीसे हुए सामान्य विवादपर, एकत्र भीडको हटानेके लिए पुलिसने गोली चलाई थी । नेपाल पुलिसने आशंका व्यक्त की थी कि उनके शस्त्र छीने जा सकते हैं ।
नेपालमें वामपन्थी शासन है । जो चीनका पक्षधर होकर भारतपर अब आक्रमक हो रहा है ।
भारतने नेपालसे सदैव मित्रवत सम्बन्ध रखे हैं । प्रत्येक प्राकृतिक आपदामें उसकी त्वरित सहायता भी की है; किन्तु अब वहां वामपन्थी शासन होनेसे वह भारतकी मैत्री तथा उपकारोंका विस्मरणकर चीनसे निकटता रखते भारत विरुद्ध दिख रहा है ।
भारत शासन नेपालसे इस प्रकरणके सम्बन्धमें कठोरतासे चर्चा करे ! शालीनता और कायरतामें आकाश-पातालका अन्तर है । भारत शालीन है, इसका अर्थ यह नहीं कि वह कायर भी है । नेपाल यदि इस प्रकारका दुस्साहस आगे भी करता है तो उसे दण्ड देनेमें तनिक भी संकोच नहीं करना चाहिए !
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योगीजीको बमसे मारने की पुनः धमकी दी गई 
देशद्रोहियोंने धमकी दी है कि उत्तर प्रदेशमें वे ५० स्थानोंपर बम विस्फोट करेंगे तथा मुख्यमन्त्री योगी आदित्यनाथको भी मार डालेंगे ! ये धमकी उत्तर प्रदेश पुलिसकी ‘यूपी-११२’के ‘व्हाट्सऐप’पर दी गई है । पुलिसने अज्ञात उन्मादी या उन्मादियोंके विरुद्ध प्रकरण प्रविष्टकर लिया है तथा लखनऊमें मुख्यमन्त्री आवासकी सुरक्षा भी बढा दी गई है ।
उत्तर प्रदेशके मुख्यमन्त्रीको धमकी देना जिहादी मानसिकताके लोगोंकी व्यग्रताको परिभाषितकर रहा है । इन लोगोंसे उत्तर प्रदेश जैसे राज्यमें लिए जा रहे हैं न्यायकारी निर्णय सहन नहीं हो रहे हैं; इसलिए यह इस प्रकारकी धमकियां दे रहे हैं । उत्तर प्रदेश शासन शीघ्र ही इन्हें उचित दण्ड देगा, सभी हिन्दुओंको यह पूर्ण विश्वास है !
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हिन्दू मन्दिरके विरुद्ध घृणा फैलानेके लिए कांग्रेस नेता अलका लांबाने पुनः किया नीचकृत्य
कांग्रेस नेता अलका लांबाने हिन्दू मन्दिरोंके विरुद्ध पुनः विषवमन किया है । कुछ ही दिनों पहले अलका लांबा देशके प्रधानमन्त्री मोदीजी और यूपीके मुख्यमन्त्री योगीजीके विरुद्ध नितान्त अभद्र टिप्पणी की थी और पुनः इसने एक ‘ट्वीट’ किया है कि हिन्दू मन्दिरोंको मात्र दान-दक्षिणा लेनेके लिए खोला गया है ।
जिस चित्रको अलका लांबाने साझा किया, उसमें दिखाया गया है कि हिन्दू मन्दिरमें लोग ‘डिजिटल पेमेंट’कर रहे हैं । अलका लांबाकी इस दुष्कृतिकी सच्चाई भी शीघ्र सामने आ गई । यह चित्र ४ वर्ष पूर्व राजस्थानके जोधपुर जनपदके शास्त्री नगरके शनि मन्दिरका है ।
 अपनी स्वामिनी सोनिया गांधीको अपनी चाटुकारिताके दर्शन करानेके लिए अलका लांबाने यह घृणित कृत्य किया है । सभी हिन्दू अलका लांबाका वैधानिक मार्गसे सभ्य भाषामें प्रतिकार करें !
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डॉ. सुब्रमण्यम स्वामीने घोषणा करते हुए कहा, “काशीके पुनर्निर्माणका कार्य आरम्भ किया जाएगा और केवल कोरोनाके समाप्त होनेकी प्रतीक्षा है ।”
उल्लेखनीय है कि अयोध्या प्रकरणमें डॉ. स्वामीने महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई थी और उन्होंने इस बातको कई बार कहा है कि अयोध्या प्रकरण तो कुछ कठिन था; किन्तु काशी और मथुरा प्रकरण अत्यन्त सरल हैं । डॉ. स्वामी बता चुके हैं कि काशी और मथुरामें हिन्दू मन्दिर तोडनेके बहुत सारे प्रमाण हैं और काशीमें मन्दिरपर जो मस्जिद बनाई है, उस मन्दिरकी भीत (दीवार) अभी भी विद्यमान है; अतः काशी और मथुराका प्रकरण अयोध्यासे सरल होगा ।
यह सर्वविदित है कि काशी और मथुरामें भगवान शिव और कृष्णके मन्दिर थे, जिन्हें मुसलमानोंने तुडवाकर मस्जिदें बनवाई थीं ।
देशके प्रायः ३० सहस्र मन्दिर ऐसे हैं, जिनपर आज मस्जिदें हैं । अयोध्यामें रामजन्मभूमि मन्दिर भी ऐसा ही था जिसपर मुसलमानोंने मस्जिद बनाई थी ।
अब अयोध्याका तो पुनर्निर्माण हो ही रहा है और
यह बतानेकी आवश्यकता नहीं कि सुब्रमण्यम स्वामी जब कोई वक्तव्य देते हैं या कार्य हाथमें लेते हैं तो उसे पूर्ण करके ही विश्राम करते हैं । हम सभी सुब्रमण्यम स्वामीजीके समर्थनमें हैं और काशी मुक्तिके आन्दोलनमें अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त करते हैं ।


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