उतिष्ठ कौन्तेय


उतिष्ठ कौन्तेय (१७/०४/२०२०)

१. १६ अप्रैल २०२० ‘नर्सों’के साथ अश्लील कृत्य करनें, चिकित्सकों और पुलिसकर्मियोंपर आक्रमण व थूकने जैसी घटनाओंको करनेवाले जमातियोंके प्रति आक्रोश व्यक्त करनेके कारण ‘बॉलीवुड’ अभिनेत्री कंगना रणौतकी बहन रंगोली रणौतके ‘ट्विटर अकाउंट’को ‘ट्विटर’ने स्थगित कर दिया । जबकि देश-द्रोहियोंका समर्थन करने वालोंका ‘ट्विटर’ खाता यथावत बना रहता है ।
    इस प्रकारके प्रकरणसे स्पष्ट होता है कि मुल्लोंके, आतंकियोंके समाचारोंको दबानेमें प्रत्येक प्रकारकी प्रसार वाहिनियां सहयोग करते हुए सनातनियोंके उस सम्बन्धमें विरोधसे स्वरको दबानेका अन्तरराष्ट्रीय षड्यंत्र चल रहा है ! हम सबको मिलकर इसके विरोधमें प्रतिक्रिया देनी चाहिए ।
———-
२. ‘टाईम्स ऑफ इंडिया’की कश्मीरी तथाकथित बुद्धिभ्रष्ट पत्रकार सामिया लतीफने प्रधानमंत्री मोदीको संक्रमित हो जानेकी कामनाकी ‘ट्वीट’ करनेके पश्चात अपना अकाउंट बन्द कर दिया । इससे  पहले गुजरातके एक विधायक इमरानको भी कोरोना-ग्रसित पाया गया तो सामिया लतीफने ‘ट्वीट’ किया था कि वे मोदी और अमित शाहसे क्यों नहीं मिले ?, जिससे उसका तात्पर्य इमरानका उनसे मिलकर, उन दोनोंको संक्रमित करनेका था । उल्लेखनीय है कि एक माह पूर्व चुनाव आयुक्त कुरैशीने और एनडीटीवीकी पत्रकार सुनेत्रा चौधरीने तथा द क्विंटके सुप्रतीक चटर्जीने भी मोदीके लिए मृत्युकी कामना की थी ।
     जिहादी ‘गैंग’के असहिष्णु लेखकोंसे और आशा भी क्या की जा सकती है ? ऐसे तथाकथित बुद्धिजीवियोंको ये बातें उनकी कुत्सित एवं द्वेषपूर्ण मानसिकताको दर्शाती है ! अभिव्यक्तिकी स्वतंत्रताका दुरुपयोग रोकने हेतु हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना अपरिहार्य है ।
———-
३. देहली मरकजके पश्चात अब बिहारसे आए, तबलीगीके जमावके समाचारने शासनके अनुशासनकी धज्जियां उडा दी हैं, जिसमे बताया गया है कि नालंदा जिलेके बिहारशरीफकी मस्जिदकी एक सभामें भाग लेकर, बिहारके दूसरे जनपदसे आए हुए कुछ लोगोंको संक्रमित पाया गया और उनका अभिज्ञान (पहचान) होनेपर, उनमेंसे कुछको एकांतवासमें रखा गया और अन्योंको संगरोध ( क्वारंटीन) किया गया । बिहारमें अब तकके ऐसे अस्वस्थ्योंकी संख्या ७० हो चुकी है, जोकि बहुत तीव्रतासे बढती जा रही है ।
     कोरोनाके कष्टका पता होते हुए भी , जानबूझकर जमातियोंद्वारा एकत्रित होना , उनकी विकृत मानसिकताको दिखाता है । स्वयंके साथ-साथ अन्योंको भी मृत्युके मुहंमें ढकेलना चाहते हैं , अतः उन्हें पहचानकर दण्डित करना ही शासनके लिए एक मात्र उपाय है ।
———-
४. कुछ दिवस पूर्व ‘इंडिया टुडे’  नामक समाचार वाहिनीने एक समाचार साझा किया था जिसमें देहलीके मदरसोंमें छात्रोंको किस प्रकार भेड, बकरियोंके समान रखा जाता है व कैसे सामाजिक दूरीके नियमोंका वहां उल्लंघन होता है, इसके विषयमें अवगत कराया था । अब इसी विषयको लेकर राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोगने मदरसोंमें बालकोंको रखे जानेपर स्वतः संज्ञान लिया है व न्यायिक जांच कराकर संबंधित व्यक्तियोंको दंड देनेकी घोषणा की है ।
     जिहादियोंको नियमोंके उल्लंघनका कोई भय नहीं है । वह जानते हैं कि प्रशासन उनके विरुद्ध कार्यवाही करनेमें पूर्णतः असक्षम है ।  आश्चर्य है कि वे अपने बच्चोंके प्रति भी मानवीय भाव नहीं रखते हैं ! ये कैसा धर्म है !
———-
५. जहां तबलीगी जमातने अपने दुष्कर्मोंसे देशमें कोरोना संक्रमणके संकटको बढा दिया है । दूसरी ओर कुछ मुसलमान कथित स्वांग (कॉमेडी)के नामपर हिन्दू देवी-देवताओका उपहास उडा रहे हैं । सामाजिक माध्यम(सोसिअल मीडिया) पर बॉलीवुडके गाने, मेरा पिया घर आया ओ रामजीका उल्लेख करते हुए एकल प्रदर्शन हास्य अभिनेता (स्टैंडअप कॉमेडियन) फारूकी मुनव्वरने एक दृश्य (वीडियो) साझा किया है, जिसमें वे  श्रीराम और सीता माताको लेकर भद्दे और आपत्तिजनक बातें कर रहा है। आपत्तिजनक टिप्पणी करनेके कारण मुनव्वरके विरुद्ध परिवादकी प्रविष्ट की गई है ।
    बात बातपर अपने धर्मके विरुद्ध बोलनेवालोंकी हत्याका फतवा घोषित करनेवाले इन धर्मांधोंको हिंदुओकी सहनशक्तिका आदर करना चाहिए  एवं हिन्दुओंकी अकर्मण्यताके कारण ही धर्मांध हमारे आराध्यकी इसप्रकार बार-बार अवमानना करते हैं !
———-
६. समाचारको धार्मिक रंग देनेमें कुख्यात ‘इंडियन एक्सप्रेस’ एक बार पुनः सामाजिक माध्यम (सोशल मीडिया) द्वारा पाठकोंके लक्ष्यपर आया हुआ है । दो दिवस पूर्व ‘इंडियन एक्सप्रेस’ने अपने समाचारमें लिखा कि देहलीके निजामुद्दीन स्थित मरकजसे वापस लौटे तबलीगी जमातियोंके कारण उनके परिवारके कमसे कम ४० बच्चे कोरोनासे संक्रमित हो गए, किन्तु जान बूझकर समाचारपत्रने छायाचित्र किसी जमाती की न लगाकर , ‘स्क्रीनिंग’ करते हुए हिन्दू दम्पत्तिकी लगा दी । इस समाचारको सामाजिक माध्यमपर जमकर लताड लगाई जा रही है ।
     एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानद्वाराकी गई ऐसे कृत्यसे उसकी निष्पक्ष पत्रकारितापर भी प्रश्न चिन्ह निर्माण होता है कि ये सत्य बतानेमें भयभीत होते हैं या हिन्दुओंको नीचा दिखानेमें इन्हें आसुरी सुख प्राप्त होता है ।


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution