उत्तिष्ठ कौन्तेय


 गुरदासपुरमें मद्य ‘फैक्ट्रियों’में शिक्षकोंकी नियुक्ति
  गुरदासपुरके उपायुक्तने (डीसीने) शासकीय अध्यापकोंको, मद्य-निर्माणशालाओंमें (फैक्ट्रियोंमें) हो रहे निर्माणके निरीक्षण हेतु नियुक्त करनेका आदेश दिया, जिसपर शिक्षकोंमें आक्रोश व्याप्त हो गया है । इस आदेशमें यह भी कहा गया है कि यदि शिक्षक अपनी कार्यपर नहीं पहुंचते हैं तो उनके विरुद्ध ‘धारा-१८८’के अन्तर्गत कार्यवाही की जा सकती है ! संयुक्त शिक्षक सङ्घने इस आदेशको अनुचित बताते हुए इसे निरस्त करनेको कहा है । ‘डीसी’के अनुसार मद्यकी ‘तस्करी’को रोकनेके लिए यह निर्णय लिया गया है, इसके अतिरिक्त शिक्षकोंको वहांपर सर्वेक्षण भी करना होगा । उल्लेखनीय है कि गत दिवसोंमें मद्य विक्रयपर भारी भीड होने और गृहबन्दीके (लॉकडाउनके) होते हुए भी आपसी दूरी नहीं रखी गई थी; इसीलिए प्रशासनने लोगोंको घरोंतक वितरण करके मद्य पहुंचानेका निर्णय किया ।
  हास्यास्पद है कि आज इस देशके निधर्मी शासकगण राजकोष बढानेके नामपर मद्य विक्रयको एक प्रमुख आधार मान रहे हैं । पंजाबमें व्यसनाधीनताकी तीव्रता कितनी अधिक है, यह सब जानते हैं । तब भी शासनने, इसे बढावा देने हेतु मदिरा, घरतक पहुंचानेका निर्णय लिया है, इससे ही आजके नेतागणका बौद्धिक पतन किस सीमातक हो चुका है ?, यह ज्ञात होता है । ऐसे निधर्मी शासनतन्त्रका अन्तकर हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना ही समाजका कल्याण कर सकती है । (२१.०५.२०२०)
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राम मन्दिरके निर्माण हेतु भूमिके समतलीकरणमें निकली प्राचीन मूर्तियां
  राम मन्दिर निर्माण कार्यके मध्य खुदाईमें प्राचीन अवशेष मिल रहे हैं । इस मध्य कई पुरातात्त्विक मूर्तियां, स्तम्भ और शिवलिङ्ग मिल रहे हैं । श्री रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्रके महामन्त्री चम्पत रायने कहा कि भूमि खुदाईके समय अनेक मूर्तियां और एक बडा शिवलिङ्ग भी मिला है । श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र न्यासका कहना है कि समतलीकरण कार्यके समय देवी-देवताओंकी खण्डित मूर्तियां, पुष्प, कलश सदृश कलाकृतियां, भवनके अर्द्ध मण्डलाकार पत्थर तथा इसके अतिरिक्त अनेक स्तम्भ व शिवलिङ्गकी आकृतियां मिली हैं ।
 इसपर हिन्दू महासभाके अधिवक्ता (वकील) विष्णु जैनने कहा है कि ‘एएसआई’के प्रतिवेदनमें बताया गया था कि वहांपर अनेक मन्दिरोंके अवशेष हैं । विवादित ढांचेके नीचे राम मन्दिरकी विशाल आकृति थी । आज मिले पुरातात्त्विक साक्ष्य बताते हैं कि हमने जो तर्क न्यायालयके समक्ष रखे थे, वे कितने सशक्त थे ?
  सत्यकी ही विजय होती है । ये साक्ष्य उन सभी हिन्दूद्रोहियों व जिहादियोंको कडा उत्तर है, जो श्रीरामको काल्पनिक बताते आए हैं व राम जन्मभूमिकी सत्यताको सिद्ध कर रहे हैं । यदि सभी हिन्दू सङ्गठित होकर आगे आएं तो निश्चित ही काशी और मथुराके पासकी मस्जिदें भी वहांसे अवश्य ही हटाई जा सकती हैं । (२१.०५.२०२०)
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अलजजीराने भारतीय मुसलमानोंकी स्थितिको, चीनके उईगर मुसलमानों सदृश बताकर फैलाया झूठ
  श्रीलंकामें मुसलमानोंके उत्पीडनपर प्रकाशित हुए लेखमें भारतीय मुसलमानोंकी स्थितिको उइगर व रोहिंग्या मुसलमानोंके समान बताया गया है । हिन्दू विरोधी विचारधाराका प्रसार करनेवाले समाचार माध्यम ‘अलजजीरा’के लेखक उमर सुलेमानने भारतीय मुसलमानोंकी स्थितिको उइगर व रोहिंग्या मुसलमानोंके समान बताया । सुलेमानने श्रीलंकाके मुसलमानोंपर होते उत्पीडनकी गम्भीरताको दर्शाने हेतु भारतके नामका चयन किया । समाचारका अधिकांश भाग उन्होंने भारतीय मुसलमानोंपर ही लिखा तथा ‘कोरोना’ सङ्कटमें मुसलमानोंपर होते उत्पीडनपर अपनी चिन्ता भी व्यक्त की । उल्लेखनीय है कि इससे पूर्व ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ व ‘द इंटरसेप्ट’ सदृश विदेशी ‘मीडिया’ संस्थान भी भारतपर धार्मिक दुर्भावनाका आरोप लगा चुके हैं ।
  अलजजीरा जैसे जिहादी प्रसार माध्यम कितना भी झूठ फैला लें ?; परन्तु अब समूचा विश्व जिहादियोंका सत्य जान रहा है और कार्यवाही भी कर रहा है । उसी प्रकार भारतकी स्थिति भी आज सभीके समक्ष है और विश्वमें कोई जाने या न जाने; परन्तु गृहबन्दीमें (लॉकडाउनमें) घरोंपर बैठा धर्मनिरपेक्ष भारत अब इसे अवश्य जान रहा है और यह हमारे लिए शुभ सङ्केत है । (२१.०५.२०)
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नेपालने भारतीय क्षेत्रोंको अपना बताते हुए प्रस्तुत किया नूतन मानचित्र, अभिनेत्री मनीषा कोइरालाने किया समर्थन
  नेपालने भारतके ३३५ किलोमीटर क्षेत्रको अपना बताते हुए नूतन मानचित्र प्रस्तुत किया है, जिसमें लिपुलेख, कालापानी और लिंपियाधुरके क्षेत्रोंपर अपना अधिकार बताते हुए कहा कि शीघ्र ही नूतन मानचित्र प्रस्तुत किया जाएगा । इसके साथ ही भारतको ‘कोरोना’से भी घातक महामारी कहते हुए, नेपालके प्रधानमन्त्रीने अपमानजनक व्यक्तव्य दिया है । इसके पश्चात नेपाल मूलकी अभिनेत्री मनीषा कोइरालाने ‘ट्वीट’ करके इसे अपना समर्थन दिया । उल्लेखनीय है कि भारतद्वारा उत्तराखण्ड क्षेत्रमें मानसरोवरके लिए मार्गका उद्घाटन किया गया था तो नेपालके प्रधानमन्त्रीने कहा था कि वह अपनी भूमिका एक इञ्च भी भारतको नहीं देगा । इन तीनों क्षेत्रोंके साथ-साथ नेपालने गुंजी, नाभि और कुटी गांवोंको भी अपना बताया । इसके साथ-साथ नेपालके प्रधानमन्त्रीने वहांपर ‘कोरोना’ महामारी फैलानेका भी आरोप लगाया । उन्होंने कहा कि भारत सीमासे आ रहे पर्यटक, अवैध ढंगसे नेपालमें पहुंचकर महामारी फैला रहे हैं ।
  एक समय था जब नेपालका भारतका अंग बनना चाहता था; किन्तु कांग्रेसकी निकृष्ट राजनीतिने यह होने नहीं दिया और आज हमपर आर्थिकरूपसे आश्रित नेपाल चीनकी कुटिलताके कारण ही भारतको आंख दिखा रहा है ! उस देशके अदूरदर्शी वामपन्थी नेता यह नहीं समझते हैं कि वह चीनके संकेतपर ऐसा कर वह अपने पांवमें स्वयं कुल्हाडी मार रहा है । भारतद्वारा नेपालके इस दुस्साहसके कारण उसे आर्थिक सहयोग देना बन्द करनेपर विचार करना चाहिए; किन्तु हम भारतीय, नेपालकी जनता और भारतमें रह रहे गोरखाओंके लिए कोई विषवमन न करें; क्योंकि यह प्रकरण मात्र राजनीतिक है । धार्मिक, सामाजिक तथा सांस्कृतिक रूपसे दोनों देशोंकी जनताको परस्पर स्नेह तथा सामंजस्य बनाए रखना चाहिए ! आज चीनके कुटिल षड्यन्त्रका ग्रास नेपाल, अपने सांस्कृतिक बोधके पश्चात पुनः भारतका मित्र होगा, इसपर सन्देह न रखें !
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बंगालमें ‘कोरोना’ सङ्क्रमित पाए जानेपर भी ‘सैनेटाइज’ न करनेपर ५०० पुलिसकर्मियोंने किया पुलिस उपायुक्तपर आक्रमण
  मंगलवार, १९ मईको कोलकाताके पुलिस प्रशिक्षण संस्थानमें पुलिस कर्मियोंने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया । उनका आरोप था कि उनमेंसे एक उपपुलिसर्मीके ‘कोरोना’ सङ्क्रमित पाए जानेके उपरान्त भी उनके निवास स्थानको (बैरकको) निर्जन्तुक (सैनेटाइज) नहीं किया गया । उनका यह भी आरोप है कि उनसे सङ्क्रमित क्षेत्रमें कार्य करवानेपर भी उन्हें मुखावरण (मास्क) उपलब्ध नहीं कराए गए । लगभग ५०० पुलिसकर्मियोंने एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन किया । पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पॉल उनसे बात करने आए तो क्रोधित पुलिसकर्मियोंने उनपर आक्रमणकर दिया स्थितिकी विकटता देखकर वे वहांसे पलायन कर गए ।
  मुख्यमन्त्री ममता बनर्जी यदि तुष्टीकरण व महामारीके रोगियोंकी सङ्ख्या छुपानेके अतिरिक्त यदि अच्छेसे व्यवस्था करतीं तो यह स्थिति ही उत्पन्न नहीं होती । ऐसे शासकगण, जो अपने सुरक्षाकर्मियोंको भी इस महामारीसे सुरक्षा हेतु पर्याप्त सुविधाएं न दे पाए, वे शासनके योग्य हैं ही नहीं !
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उत्तर प्रदेशके प्रतापगढमें ८ वर्षीय लाली पाण्डेयको जिहादियोंने मारी गोली 
  उत्तर प्रदेशके प्रतापगढमे बुधवार, २० मईकी दोपहरको प्रेमचन्द्र पाण्डेयकी ८ वर्षकी पुत्री लाली पाण्डेयको साहिल, वासिम व इकलाख नामक तीन जिहादियोंने उस समय गोली मार दी, जब वह नलपर (हैण्डपम्पपर) स्नानकर रही थी । उस समय घरके सभी सदस्य सो रहे थे । जिहादियोंने उसे ‘हैण्डपम्प’से हटनेके लिए कहा तो उसके नहीं हटनेपर साहिल नामक जिहादीने गोली मार दी, जो बच्चीके पेटमें लगी और वह चीखने लगी, तभी उसके घरके सदस्य वहां आए तो तीनों ‘गुण्डे’ वहांसे भाग गए । इसके पश्चात बच्चीको चिकित्सालय ले जाया गया ।
  छोटीसी बात न माननेपर एक हिन्दू बच्चीपर भी गोली चला देनेवाले विक्षिप्त मानसिकताके जिहादी, कहींसे भी भयभीत लगते हैं क्या ? ‘लिञ्चिङ्ग’पर रोना रोनेवाली समाचार वाहिनियां अब मौन क्यों हैं ? हिन्दुओ, जिहादी अभी मात्र २०% हैं तो यह स्थिति है और अधिक होंगे तो क्या करेंगे ? इसका विचारकर स्वयंसिद्ध हों ! सत्तालोलुप शासनको भविष्यकी स्थिति ज्ञात होते हुए भी उनसे इस दिशामें कुछ करनेकी आशा न रखें; अतः समय रहते जाग जाएं ! (२१.०५.२०२०)
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हिन्दूविरोधी मानसिकतासे ग्रसित ‘वेबसीरिज’, ‘पाताल लोक’पर भडके गोरखा समुदायने अनुष्का शर्माको भेजा ‘नोटिस’
  ‘अमेजन प्राइम’पर प्रकाशित हुई ‘वेब सीरीज’ ‘पाताल लोक’को लेकर इसकी निर्माता अनुष्का शर्माको अधिवक्ता (वकील) वीरेन सिंह गुरुंगने एक अधिसूचना (नोटिस) भेजी है । इसमें आरोप लगाया गया है कि सुदीप शर्माद्वारा लिखित गई इस ‘वेबसीरीज’में गोरखा समुदायका अपमान किया गया है । गुरुंगने बताया कि इसके दूसरे धारावाहिकमें एक महिला पुलिस अधिकारी एक नेपाली व्यक्तिसे पूछताछ करते समय ऐसे अपमानजनक जातिसूचक शब्दोंका प्रयोग करती हैं, जो स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं । उल्लेखनीय है कि ‘अमेजन प्राइम’पर आए ‘पाताल लोक’की कहानीमें हिन्दुओंके प्रति घृणा कूट-कूट कर भरी हुई है । कथानक बाहरी जमुना पार पुलिस स्थानकका (स्टेशनकी) है, जिसे ‘पाताल लोक’ बताया गया है, जहां पुलिस अधिकरी नियुक्त होनेसे बचते हैं ।
  हिन्दू इन नीतिशून्य अभिनेताओं व अभिनेत्रियोंको इतना सम्मान देते हैं और पैसेके ये लालची अभिनेतागण प्रत्यक्ष व परोक्ष रूपसे अपने ही धर्मका अपमान करते हैं तथा जातिगत भेदभावको बढाते हैं । ऐसे लोग सम्मानके पात्र नहीं हैं, यह हिन्दुओंको अब ध्यान देना ही होगा अन्यथा ये लोग ऐसे ही परोक्ष रूपसे चलचित्र बनाकर हिन्दू धर्मका अपमान करते रहेंगे; इसलिए अधिवक्ता गुरुंगके इस दिशामें किए गए वैधानिक प्रयासका हम अनुमोदन करते हैं । (२१.०५.२०२०)
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‘वीएचपी’ने देहलीके उपराज्यपालको पत्र लिखकर ‘देहली वक्फ बोर्ड’द्वारा ‘मिलेनियम पार्क’को ‘कब्रिस्तान’ बनानेके विषयमें चेताया
 ‘कोरोना’ सङ्क्रमितोंको भूमिगत करनेके (दफनानेके) नामपर इन्द्रप्रस्थके ‘मिलेनियम पार्क’की भूमि अधिग्रहित करनेका षड्यन्त्र किया जा रहा है । ‘विश्व हिन्दू परिषद’के अनुसार इसके पीछे ‘देहली वक्फ बोर्ड’ है और इसे देहली शासनका समर्थन प्राप्त है । ‘वीएचपी’ने इस सम्बन्धमें उपराज्यपाल अनिल बैजलको पत्र लिखा है । पत्रमें आरोप लगाया है कि ‘वक्फ बोर्ड’ ‘मिलेनियम पार्क’की भूमिपर अवैध अतिक्रमणकर रहा है; इसलिए ‘जदीद कब्रिस्तान अहाले इस्लाम’का बोर्ड पार्कके द्वारसे हटवाया जाए ।
‘विश्व हिन्दू परिषद’ने बताया कि रजापुरके नागरिकोंकी सजगतासे ‘इन्द्रप्रस्थ मिलेनियम पार्क’में अतिक्रमण रुक गया है; परन्तु अतिक्रमणके प्रयास अब भी अनवरत हैं और निरन्तर ‘पार्क’में ‘कोरोना’ सङ्क्रमितोंके शवोंको गाडनेका प्रयास हो रहा है, साथ ही ‘पार्क’के ताले भी तोडे जा रहे हैं ।
  ‘आप’ सदृश निधर्मी शासनसे हिन्दुओंको कोई आशा है ही नहीं; परन्तु अनेक वर्षोंसे राजधानीमें चल रहा ‘लैण्ड जिहाद’ भाजपा भी नहीं रोक पाई है, यह लज्जाजनक भी है और हिन्दुओंके मनमें इस विषयमें घोर चिन्ता है । (२१.०५.२०२०)


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