उत्तिष्ठ कौन्तेय
१. २२ मार्चको देहलीके ओखलाके जामिया नगरके कट्टरपन्थियोंने छतोंपरसे ‘आजादी-आजादी’के उद्घोषकर लगाए ! इस वीडियोंको ‘मुस्लिम मिरर’की पत्रकार खुशबू खानने अपने ‘ट्विटर’पर सार्वजनिक किया है ।
ऐसा कौनसा जिहादी विष है, जो जिहादियोंको इतना नीचे गिराता है कि जहां एक ओर सभी हिन्दू तालियां बजाकर अभिवादन कर रहे हैं और जिहादी ‘आजादी’ मांग रहे हैं ! क्या ये लोग इस देशमें। रहने योग्य हैं ?, शासकगण विचार करें !
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२. केरल राज्यके त्रिशूरमें नित्य सहाय मठ गिरजाघरके एक पादरीको बन्दी बनाया गया है । उनपर आरोप है कि उन्होंने शासनद्वारा ‘कोरोना’ महामारी नियन्त्रणके मानकोंका उल्लंघन किया व गिरजाघरमें प्रातः काल भीड एकत्रितकर प्रार्थना सभाका आयोजन किया, जो कि दण्डनीय अपराधकी श्रेणीमें आता है ।
यह समाचार सिद्ध करता है कि मिशनरियोंको देशवासियोंके स्वास्थ्यके प्रति कोई चिंता नहीं है एवं उन्हें केवल अपने स्वार्थसे लेना-देना हैं । शासन इन्हें देशसे बाहर करे !
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३. बिहारकी राजधानी पटनाके क्षेत्र कुर्जीमें स्थित एक मस्जिदमें १२ विदेशियोंको छिपानेका प्रकरण उजागर हुआ है । स्थानीय लोगोंको सूचना मिलते ही उन्होंने विरोध करते हुए पुलिसको सूचना दी कि बिना चिकित्सकीय जांच करवाए, घूम-घूमकर बिहारमें धर्म इस्लामका प्रचार कर रहे हैं ! पुलिसने अभिरक्षामें लेकर जांच की तो उनके ‘वीजा’ और पारपत्र (पासपोर्ट) सही पाए गए, जिस कारण उन्हें चिकत्सकीय जांचके पश्चात छोडा जाएगा ।
मुसलमान मस्जिदोंकी आडमें आतंक और इलामका प्रचार करते हैं, यह किसीसे छुपा नहीं है । प्रशासनको इनपर कडी दृष्टि रखनी चाहिए, कहीं यह आतंकका एक और षडयन्त्र न हो !
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४. छत्तीसगढमें शनिवार, २१ मार्चको नक्सलियों से हुई मुठभेडमें १७ सैनिक वीरगतिको प्राप्त हुए हैं ! अब तक कहा जा रहा था कि ये सभी सैनिक लापता हैं; परन्तु अब उनके वीरगतिको प्राप्त होनेकी पुष्टि हो गई है । इनमेंसे १२ ‘डीआरजी’के हैं और ५ ‘एसटीएफ’के हैं ।
केन्द्र शासन आए दिन हो रहे इन नक्सली आक्रमणोंका त्वरित अन्त करें, जिससे देशके काम आनेवाले सैनिकोंके प्राण यूं व्यर्थ न जाए !
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५. उत्तराखण्डके रुडकीसे शनिवार, २१ मार्चको पुलिसने एक बांग्लादेशी युवक मोहम्मद उज्जवलको बन्दी बनाया है । मोहम्मद उज्जवल मशीनपुरका निवासी है । उसपर आरोप है कि वो अवैध रूपसे भारतमें आया था और बिना अनुमतिपत्रके (वीजाके) यहां रह रहा था ! कलियरमें रह रहा यह बांग्लादेशी जनवरीमें सीमा पार करके भारतकी सीमामें आया था व अजमेर शरीफमें रूका हुआ था और २ दिवस पूर्व ही कलियर पहुंचा था ।
कितनी सरलतासे मस्जिदों व दरगाहोंका आश्रय लेकर मुसलमान इस देशमें आ रहे हैं और आतंक प्रसारित कर रहे हैं ! शासन इसे आश्रय देनेवाली दरगाहपर कठोर कार्यवाही करे और जिहादी इस देशमें न घुसे, शीघ्रातिशीघ्र इसकी कोई व्यवस्था करे !
(२४/०३/२०२०)
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