उत्तिष्ठ कौन्तेय


१. देशभरमें ‘लॉकडाउन’की घोषणाके चलते दूरदर्शनपर रामायणका प्रसारण पुनः आरम्भ किया गया । इसपर कांग्रेस राजमें प्रसार भारतीकी पूर्व अध्यक्ष मृणाल पांडेने व्यंग्य किया और इसे व्यर्थ बताया । एक अन्य वामपन्थी और एक जिहादी व्यक्ति शफीनने कहा कि रामायण एक ऐसी श्रृंखला थी, जिसने हिन्दुत्व आन्दोलन और भारतमें बाबरी मस्जिदके विध्वंसके बीज बोए थे । हिन्दुत्वके गुण्डे, जो अब कोरोना विषाणुसे थक चुके हैं, घरपर बैठ सकते हैं और अपनी घृणाको नूतन कर सकते हैं ।
      हास्यास्पद है कि इन विषैली मानसिकतावाले लोगोंको इस ‘लॉकडाउन’में बाहर एकत्र होकर पढी जा रही नमाज पवित्र लगती है और घरपर रामायण देखने मात्रसे ये विष उगल रहे हैं । इसीसे इनकी कुत्सित हिन्दूद्रोही मानसिकता उजागर होती है ।
———-
२. ‘फेसबुक’के माध्यमसे ‘इंफोसिस’में कार्यरत एक जिहादी अमानुष मोहमद मुजीबने लोगोंसे कहा है कि कोरोना महामारी फैलानेके लिए अपने घरोंसे बाहर निकलकर लोगोंसे हाथ मिलाए और भीडमें खुले मुंहसे छींककर संक्रमण फैलाए । एक ‘ट्वीट’द्वारा यह समाचार अंशुल नामक व्यक्तिने दिया । ‘ट्विटर’पर इसके बारेमें पुष्टि एक और व्यक्तिने भी की, जबकि अन्योंने उसे जिहादकी घृणाका स्रोत बताया । अब उसे बन्दी बनाया गया है ।
       लवजिहाद, रेपजिहाद और लैंडजिहादके पश्चात अब जिहादी महामारीका जिहाद भी कर रहे हैं ! शासनने इसकी शिक्षापर व्यय किया, परिणाम सबके समक्ष है कि वह सबके मुंहपर छींकनेकी बात कर रहा है ! तो क्या ये शिक्षाके योग्य हैं ? और भारत शासन इसपर कठोर कार्यवाही करे !
———-
३. महाराष्ट्रके चन्द्रपुरकी मस्जिदमें स्थानीय नागरिकोंद्वारा की गई परिवादके (शिकायतके) पश्चात पुलिसने घटनास्थलपर छापा मारकर गत २२ दिवसोंसे छुपे ११ तुर्कस्तिान और देशके अन्य भागोंसे ३ मौलवियोंको बन्दी बनाया है । भारतमें ‘कोरोना’के प्रकोपसे सम्पूर्ण बन्द और धारा-१४४ भी लगी है, ऐसेमें ये मौलवी चन्द्रपुरकी मस्जिदमें क्यों छुपे बैठे थे ?, ऐसा प्रश्न उठ रहा है । अभी इन सभीको ‘आइसोलेशन’ कक्षमें रखा गया है ।
       देशके साथ षडयन्त्रकर बाहरके जिहादी मौलवियोंको आश्रय देनेवालीं इन मस्जिदोंको मोदी शासन त्वरित बन्द करे !
———-
४. अफगानिस्तानकी राजधानी काबुलके गुरूद्वारेमें हुए आतंकी आक्रमण करनेवाले जिहादियोंमेंसे एक जिहादी भारतके केरल राज्यका है, जिसका नाम ‘अबू खालिद -अल-हिन्दी’ था, जो ४ वर्ष पूर्व केरलसे ‘इस्लामिक स्टेट’में सम्मलित होने गया था । इस नरसंहारके लिए आरोपी आतंकी संगठनने यह भी कहा कि यह आक्रमण भारतके कश्मीरी मुसलमानोंपर हुई कार्यवाहीके प्रतिशोधके रूपमें लिया गया है !
       समाचार स्पष्ट करता है कि जिहादी मानसिकतावाले मुसलमान अपनी बाल्यकालकी हिन्दूद्रोही घुट्टीके कारण सम्पूर्ण विश्वमें प्रतिशोध हेतु संगठित रहते हैं । वही हिन्दुओंकी स्थिति इतनी दयनीय है कि संगठित होना तो दूर हिन्दुओंके विरुद्ध आज हिन्दू ही खडा होता हैं ।
———-
५. चीनद्वारा स्पेन और ‘चैक रिपब्लिक’को निकृष्ट स्तरका परीक्षण और अन्य उपकरण विक्रय करनेका प्रकरण उजागर हुआ है । स्पेनको ४६७ मिलियन यूरो व्यय करके भी चीनसे निम्न कोटिके उपकरण मिले । ५५ लाख जांच उपकरणमेंसे ६,४०,००० अयोग्य हैं । चीनने इसपर कहा है कि यह सभी उपकरण ‘बायो इजी’ नामक संस्थानने बनाएं है, जिसे अभी अनुमतिपत्र (लाईसेंस) नहीं मिला है ।
      चीनके इस क्रियाकलापसे स्पष्ट होता है कि वामपन्थको विश्व कल्याणमें कोई रुचि नहीं है, वह अपने उद्देश्यकी पूर्ति हेतु मानवताको कैसी भी हानि पहुंचा सकते हैं; अतः सभी राष्ट्र सतर्क हो जाएं !


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


विडियो

© 2021. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution