देहलीके मुख्यमन्त्री माननीय श्री केजरीवालजीने कर्म और ज्ञानका सिद्धान्त प्रतिपादित करनेवाले ‘भगवद्गीता’ रुपी दैवी ग्रन्थकी भेंटको अस्वीकार कर पुन: यह सिद्ध किया है कि उनके रोम-रोममें हिन्दू धर्म एवं उसके सभी प्रतीक चिह्नोंके प्रति घृणा भरी है । इस देशकी राजधानीका मुख्यमन्त्री एक हिन्दूद्रोही है, इससे ही इस देशका लोकतन्त्र किस ओर जा रहा है यह स्पष्ट होता है ? -तनुजा ठाकुर
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