‘वैदिक उपासना पीठ’द्वारा ‘आइए संस्कृतनिष्ठ हिन्दी सीखें’, इस उपक्रमको उत्तम प्रतिसाद मिल रहा है, इससे यह समझमें आता है कि हिन्दू आज भी विशुद्ध हिन्दी सीखना चाहता है; परन्तु उसे सीखानेवालोंकी न्यूनता है । हिन्दुओ ! चिन्ता न करें, शीघ्र स्थापित होनेवाले हिन्दू राष्ट्रमें सर्वत्र संस्कृतनिष्ठ हिन्दीका पोषण एवं प्रचार-प्रसार होगा ।
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