उत्तिष्ठ कौन्तेय


गो तस्करीमें पुलिस और प्रशासनकी असक्षमताके कारण गोरक्षकोंको सडकोंपर आना पडता है !
‘योग गुरु’ बाबा रामदेवने कहा कि गौ तस्करी रोकनेमें पुलिस और प्रशासनको जितनी कडाईसे कार्यवाही करनी चाहिए, वह नहीं होनेके कारण गौरक्षकोंको मार्गोंपर आना पडता है । एक कार्यक्रममें भाग लेने आए रामदेवने कहा कि अवैध रूपसे जो लोग गायोंको पशुवधगृहोंमें (कत्लखानोंमें) कटवाते हैं, उनके विरुद्ध कठोर कार्रवाई होनी चाहिए । उन्होंने कहा कि कुछ गौ रक्षक अनुचित कृत्य कर देते हैं, जिनके चलते ९०  प्रतिशत गौरक्षकोंकी छवि धूमिल होती है ।
बाबा रामदेवने कहा कि गौ हत्यारोंके विरुद्ध कोई नहीं बोलता है । गौ हत्यारोंको प्रोत्साहन क्यों मिलता है ?, यह कतई नहीं होना चाहिए ! यदि किसीने पशुवधगृहका अनुमति-पत्र (लाइसेंस) भी ले रखा है, और उनका परिवहन कर रहा है तो हम इसके पक्षधर नहीं है । पूर्ण गौ हत्या रोकनेका पक्ष करते हुए बाबा रामदेवने कहा कि प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी जैसा राष्ट्रभक्त और गौ भक्त देशमें और कौन होगा ? उन्हें केन्द्रमें पूर्ण गौहत्या रोकनेका विधान (कानून) बनाना चाहिए । उन्होंने कहा कि चार वर्षोंमें केन्द्रने अभी तक विधान (कानून) नहीं बनाया है और हम ऐसा कानून बननेकी आशा लगाए बैठै हैं ।
क्षमा करें बाबा ! नरेन्द्र मोदीकी राष्ट्रभक्तिपर कभी कोई सन्देह नहीं कर सकता; किन्तु वे गोभक्त हैं, इसपर आज हिन्दूनिष्ठोंको संशय है ! यदि वे सचमें गोभक्त होते तो आज उनके शासनकालके चार वर्ष पश्चात भी भारत गोमांसका सबसे बडा निर्यातक नहीं होता ! गोभक्तोंको पुलिस और प्रशासनसे यातनाएं नहीं मिलती ! सर्वत्र गोतस्करी नहीं होती और भारतमें गो हत्यापर पूर्ण प्रतिबन्ध लग जाता ! आपसे नम्र विनती है अपनी गेरुआ वस्त्रकी लाज रखते हुए सत्यको सुस्पष्टतासे बोलनेका साहस किया करें ! आप जैसे लोगोंको अब किससे भय है ?
 किसी गोभक्त धर्मनिष्ठ व्यक्तिको इस देशके सर्वोच्च पदपर आसीन होने दें, अगले ही दिवससे इस देशमें गोमांसका एक टुकडा भी नहीं दिखेगा, उसके निर्यात करनेकी बात तो जाने दें !; इसलिए हिन्दू राष्ट्रकी स्थापना करना अति आवश्यक है; क्योंकि निधर्मी लोकतन्त्रमें गोहत्यापर सम्पूर्ण भारतमें प्रतिबन्ध लगे, इसकी कोई सम्भावना दिखाई नहीं देती ! – तनुजा ठाकुर (१३.८.२०१८)



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