जुलाई २१, २०१८
‘ऑल इण्डिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुसलमीन’के (एआईएमआईएम) अध्यक्ष और सांसद असदुद्दीन ओवैसीने कहा है कि हमें कोई ‘भारत माताकी जय’ बोलनेपर विवश नहीं कर सकता है । ओवैसीने ‘आजतक’के विशेष कार्यक्रम ‘सीधी बात’में श्वेता सिंहसे कहा कि यदि इसके लिए विधान बनाया जाता है तो मैं उसका पालन करूंगा । उन्होंने कहा कि हमारे संविधानने बोलनेकी स्वतन्त्रता दी है । यदि आप नियम बना देंगे तो मैं अवश्य ‘भारत माताकी जय’ बोलूंगा; लेकिन आप मुझे विवश नहीं कर सकते हैं । ओवैसीने आगे कहा कि इसे आप मेरी राष्ट्रीयताका परीक्षण नहीं बना सकते हैं ।
उन्होंने आगे कहा, ‘मैं जयहिन्द बोलनेमें गर्व महसूस करता हूं । ये तो अंग्रेजोंसे लडे भी नहीं थे, तब से ‘जय हिन्द’का उद्घघोष आया है । मैं अपना जीवन अपने घरमें कैसे व्यतीत करता हूं ?, क्या खाता हूं ?, क्या बोलता हूंं ?, ये निजताका अधिकार है ।’
उन्होंने कहा कि राष्ट्रगीत ‘वन्दे मातरम’का आदर होना चाहिए; लेकिन ‘जन-गण-मन’ तो राष्ट्रगान है; इसलिए राष्ट्रगीतको कभी राष्ट्रगानके स्थानपर नहीं लाया जाना चाहिए ।’ हैदराबादके सांसद ओवैसीने कहा कि आज धर्मनिरपेक्षता अपशब्द बन चुका है । राष्ट्र विरोधी भी एक सुविधाजनक गाली है । शासनसे किसीकी असहमति है तो उसे इन दोनोंमें से कुछ भी बोल दो । बाद में जो इनके साथ आ जाते हैं वे धर्मनिरपेक्ष हो जाते हैं ।
इसके अतिरिक्त उन्होंने कहा कि मैंने हमेशा देशके लिए आवाज उठाई है; लेकिन यदि आप बोलेंगे कि मोदीके विरुद्ध बोलना, देशके विरुद्ध है तो मैं इसे नहीं मानता हूं । ओवैसीने कहा कि मोदीको यदि आप ईश्वरका स्थान दे देंगे; लेकिन मैं नहीं मानता हूं ।
इससे पहले ओवैसीसे जब पूछा गया कि क्या मुसलमान २०१९ में नरेन्द्र मोदीका रास्ता रोक सकेंगे ? इस प्रश्नके उत्तरमें उन्होंने कहा कि मुसलमान पहलेसे ही पिस रहे हैं । देशको यह सोचना पडेगा कि क्या आप २०१९ में उस नरेन्द्र मोदीको मत देंगे; जिन्होंने युवाआओंको जीविका देनेका वचन किया था; लेकिन असफल रहे ।
ओवैसीने आगे कहा कि देशकी सुरक्षा, महंगाई सहित अन्य प्रकरणपर मोदी शासन असफल रहा । इसके अतिरिक्त मुसलमान और दलितोंके विरुद्ध घृणाका वातावरण बना दिया गया है । मुझे लगता है कि हिन्दुस्तानकी जनता इनपर सोचकर ही मतदान करेगी; यद्यपि ओवैसीने यह भी कहा कि इन अवसरको क्षेत्रीय दल ही उठाने सफल हो सकेंगे ।
स्रोत : आजतक
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