बनारसकी ज्ञानवापी मस्जिद परिसरका होगा पुरातात्त्विक सर्वेक्षण, खुदाई कराएगा ‘एएसआई’ : न्यायालयने दिया आदेश
९ अप्रैल, २०२१
न्यायालयका निर्णय पक्षमें आनेके उपरान्त अधिवक्ता विजय शंकर रस्तोगीने इसका स्वागत किया । रस्तोगीने कहा कि पुरातात्त्विक सर्वेक्षणके पश्चात ये स्पष्ट हो जाएगा कि विवादित स्थल कोई मस्जिद नहीं; अपितु आदि विशेश्वर महादेवका मन्दिर है ।
इस प्रकरणमें वाराणसीके त्वरित सुनवाईवाले न्यायालयमें चर्चा २ अप्रैलको पूर्ण हुई थी । न्यायालयने दोनों पक्षोंके तर्क सुन यह आदेश दिया है । न्यायालयने कहा है कि सर्वेक्षणका सारा व्यय शासन करेगा।
न्यायालयका यह निर्णय स्वागतयोग्य है और अब बहुत वर्षों उपरान्त अयोध्याकी भांति काशीमें भी भव्य मन्दिर परिसर निर्माणकी सम्भावना बनती दृष्टिगोचर हो रही है । मस्जिदकी समिति एक और तो न्यायालयके निर्णयका सम्मान कर रही है और दूसरी ओर उच्च न्यायालयमें चुनौती देनेकी बात कहकर मस्जिद परिसरमें पुरातात्त्विक सर्वेक्षण विभागके दलको मस्जिद परिसरमें न घुसने देनेकी धमकी भी दे रही है जो कि न्यायालयकी अवमानना ही है, जो यह दिखाता है कि जिहादी न्यायालयमें नहीं, जिहादमें विश्वास रखते हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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