वर्षा ऋतु आनेपर पानीका अपव्यय रोककर अगले ग्रीष्म ऋतुकी पूर्वसिद्धता करें !


वर्षा ऋतु आनेमें अब दोसे ढाई माह रह गए हैं ! पिछले वर्ष ग्रीष्म ऋतुमें सम्पूर्ण भारतमें जलके लिए ‘त्राहि मां’की स्थिति हम सबने देखी ही थी ! इसलिए इस बार चूंकि अधिकांश लोग घरपर ही हैं तो सभी मिलकर यह प्रयास करें कि इस बार वर्षा ऋतुके जलका संचय अपने घर, अपने वसतिगृहमें (कॉलोनीमें), ग्राममें कर सकें एवं इस हेतु अभीसे नियोजन करें ! इसे करने हेतु बंदीके नियम तोडकर बैठक बुलानेकी आवश्यकता नहीं है अपितु अपने आस-पासके समविचारी लोगोंका एक whatsapp गुट बनाएं एवं आपके क्षेत्र या परिस्थिति अनुरूप क्या हो सकता है, इसकी चर्चा कर, इस समस्याको दूर करने हेतु उपाययोजना बनाएं ! बंदी समाप्त होते ही इस दिशामें कुछ योग्य प्रयास करें ! इस बार सभी मिलकर वर्षाके जलका अधिकसे अधिक संचय करें ! आपको तो बताया ही था कि आगामी चार वर्ष हमारे लिए कठिन होगा; इसलिए अपने घरमें या आस-पासके परिसरमें शाक वाटिका या गमलेमें शाक (तरकारी ) उगानेका नियोजन करें ! वर्षा ऋतुमें यह प्रयोग अवश्य करें इस हेतु अभीसे अंतर्जालपर अर्थात इन्टरनेटपर अभीसे शाक उगानेका अभ्यास करें ! यदि आप शाक इत्यादि नहीं उगाना चाहते हैं तो भी अपने छतके जलको पीनेके लिए संचय कर सकते हैं ! यह शुद्ध तो होता ही है, इससे शासनको उन स्थानोंमें जल देनेमें सहायता होगी जिन्हें पेयजल मिलनेमें अत्यधिक कठिनाई होती है ! शासनद्वारा भी इसमें अनके प्रकारसे सहायता भी दी जा रही हैं, आप उसका भी लाभ उठा सकते हैं ! मेरे कहनेका अर्थ है कि वर्षा ऋतु आनेपर पानीका अपव्यय रोककर अगले ग्रीष्म ऋतुकी पूर्वसिद्धता करें ! यह छोटासा उपाय आपके लिए लाभकारी तो होगा ही जब हम समष्टिका विचार करते हैं तो हमारे भीतर व्यापकता बढती है, जो एक दैवी गुण है !


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