वास्तुशास्त्रके अनुसार कौनसे वृक्ष या पौधे लगाए जा सकते हैं ? (भाग – ५)


शमीका वृक्ष वास्तुके लिए उत्तम होता है ।

नवग्रहोंमें शनि महाराजको न्यायाधीशका स्थान प्राप्त है; इसलिए जब शनिकी दशा आती है तब अच्छे बुरे कर्मोंका यथोचित फल प्राप्त होता है । यही कारण है कि शनिके कोपसे लोग भयभीत रहते हैं । शनिको प्रसन्न करनेके लिए कई उपाय हैं, जिनमें एक उपाय है, वृक्ष पूजा । पीपल और शमी दो ऐसे वृक्ष हैं, जिनपर शनिका प्रभाव होता है । वास्तुशास्त्र अनुसार, नियमित शमी वृक्षकी पूजा की जाए और इसके नीचे सरसोंके तेलका दीपक जलाया जाए तो शनि दोषके कुप्रभावसे रक्षण होता है । शमीका पौधा या पेड ऐसे स्थानपर लगाना चाहिए जो घरसे निकलते समय दाहिनी ओर पडता हो । नवरात्रिमें विजयादशमीके दिन शमीकी पूजा करनेसे घरमें तेज तत्त्वकी वृद्धि होती है और घरपर कवच निर्माण होता है, साथ ही सुख-समृद्धिका आगमन होता है । शमीके पौधेमें तेज तत्त्वका प्रमाण अधिक होनेके कारण, यह नकारात्मक ऊर्जाके प्रभावको दूर करता है । टोने-टोटकेके कारण प्रगतिमें आनेवाले अवरोधको भी शमी शमन करता है । शमी वृक्षकी लकडीको यज्ञकी वेदीके लिए पवित्र माना जाता है । इससे ही इस पौधेका महत्त्व समझमें आता है ! शमीका वृक्ष गणेश तत्त्वको भी आकृष्ट करता है; इसलिए भगवान गणेशकी आराधनामें शमीके वृक्षकी पत्तियोंको अर्पित किया जाता है ।



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