बेटीके साथ दुष्कर्मके प्रतिशोधमें पीडित पिताने एक ही परिवारके ६ लोगोंकी की हत्या
१५ अप्रैल, २०२१
विशाखापत्तनमके जाट्टादा गांवमें १५ अप्रैल २०२१ गुरुवारको हुई एक घटनाके पश्चात उस भू भागमें आतङ्क फैल गया। ज्ञातव्य है कि एक पिताके हृदयमें बेटीके साथ दुष्कर्मके प्रतिशोधकी ज्वाला इस प्रकार धधक रही थी, कि उसने एकके पश्चात एक ६ हत्याएं कर दीं । सभी मृतक एक ही कुटुम्बके हैं । इस कुटुम्बके एक सदस्यने हत्यारेकी बेटीके साथ कथित रूपसे दुष्कर्म किया था ।
इस घटनाके पश्चात पुलिसके भी हाथ पांव फूल गए । पुलिस प्रशासन आश्चर्यचकित है कि इतना बडी दुर्घटना हुई कैसे ? पुलिस इस घटनाका अन्वेषण कर रही है । जिस व्यक्तिने दुष्कर्म किया था, वह अभी भी अज्ञात है । पुलिसने हत्या आरोपीको बन्दी बना लिया है और उससे प्रश्नोत्तर किए जा रहे हैं । साथ ही इस सामूहिक हत्याकाण्डमें प्रयुक्त अस्त्र-शस्त्र भी प्राप्त करनेमें पुलिसको सफलता मिली है ।
मृतकोंमें २ महिलाएं, २ बच्चे और १ पुरुष सम्मिलित हैं । बच्चोमें एक २ वर्षका और एक मात्र ६ माहका था । हत्या आरोपीका अभिज्ञान अप्पलराजूके रूपमें हुआ है । दोनों कुटुम्ब निकटमें ही रहते थे । २०१८ से ही दोनों कुटुम्बोंमें संवाद बन्द था । दुष्कर्मी आरोपीका अभिज्ञान विजयके रूपमें हुआ है।
दुष्कर्मीको शासन व किसी राजनेताका सहयोग प्राप्त होता है, जिसके चलते ऐसी निन्दनीय कुकृत्य होते हैं और पीडिताके माता-पिता न्यायकी प्रतीक्षामें मृत्युको प्राप्त हो जाते है; किन्तु इस घटनामें एक पिताने प्रतिशोधमें नहीं; अपितु न्याय व्यवस्थासे प्रताडित होकर ऐसा किया है । यह घटना उस राज्यके शासनकी न्याय प्रणालीको दर्शाती है । ऐसी न्याय प्रणालीको हिन्दू राष्ट्रमें नष्ट होना होगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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