जमशेदपुरमें विद्यालयका दुस्साहस, मेहन्दी लगानेपर ९० छात्राओंको किया निलम्बित !


अगस्त २८, २०१८

अपने भाइयोंको राखी बांधनेके लिए छात्राओंको मेहन्दी लगाना महंगा पडा ! राजेन्द्र विद्यालय साकचीकी ९० छात्राओंको विद्यालय प्रबन्धनद्वारा निलम्बित कर दिया गया । सोमवारको ९० छात्राएं हाथोंमें मेहन्दी लगा विद्यालय पहुंची थी । प्रार्थनाके पश्चात जब कक्षाओंमें छात्राओंके हाथोंकी जांच की गई थी तो कक्षा सात से लेकर १२वीं तककी कई छात्राओंके हाथोंमें मेहन्दी लगी हुई थी ।

कुछ छात्राओंने पांवमें मेहन्दी लगा रखी थी । इसकी जानकारी अध्यापकने प्राधानाचार्य राखी बनर्जीको दी । इसके पश्चात प्राचार्याने सभी छात्राओंके अभिभावकोंको चलभाष कर इसकी सूचना देनेका आदेश दिया । विद्यालयके प्रशासनिक कर्मियोंने कई अभिभावकोंको चलभाषद्वारा सूचना देकर बच्चेको ले जाने के लिए कहा । कई अभिभावक पहुंचे और अपने बच्चेको घर लेकर गए । उन्हें मंगलवार और बुधवारको घरमें ही रहने को कहा गया है ।

अभिभावक मनोजने बताया कि यह कैसा आदेश है, ऐसे में तो किसीका त्यौहार मनाना ही विकट है । इसे अनुशासनहीनता नहीं कहा जा सकता । शिक्षा विभागको स्कूल प्रबन्धनपर अनुशासनात्मक कार्यवाही करनी चाहिए ।

प्राधानाचार्यने कहा, “विद्यालयमें अनुशासन व विद्यार्थियोंमें एकरूपता रहे इस कारण छात्राओंको निलम्बित किया गया है । जिन छात्राओंकी समस्या है, उनके अभिभावक आकर मिलें, उनसे बात करनेके पश्चात कक्षाएं नियमित कर दी जाएगी ।”

जिला शिक्षा पदाधिकारीने कहा, “केवल मेहन्दी लगानेके कारण छात्राओंको निलम्बित करना अनुचित है । इस सम्बन्धमें जिला प्रशासनको ब्यौरा दिया जाएगा ।”

विद्यालय प्रबन्धनने निलम्बन वापस ले लिया । बुधवारसे सभी छात्राएं कक्षा कर सकेंगी । यद्यपि, उन्हें अपने अभिभावकोंके संग विद्यालय पहुंचना होगा और कक्षामें सम्मिलित होने से पूर्व विद्यालय प्रशासनसे भेंट करनी होगी । छात्राओंको विद्यालय प्रबन्धनद्वारा अनुशासनात्मक कार्यवाही कर निलम्बित किए जानेके प्रकरणमें विरोध प्रविष्ट कराते हुए शिक्षा सत्याग्रहके शिष्टमण्डलने विद्यालयकी प्राचार्या राखी बैनर्जीसे मंगलवारको भेंट की ।

इस मध्य छात्राओंके निलम्बन वापस लेने तथा भविष्यमें जनभावनाओं और आस्थाका सम्मान करते हुए पर्व-त्यौहारोंपर छात्र-छात्राओंपर अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं करनेकी बात रखी । इस मध्य विद्यालय प्रबन्धनके सचिव सीपीएन सिंह भी उपस्थित थे । प्रबन्धनकी ओर से त्वरित निलम्बन वापस लेते हुए भविष्यमें धार्मिक भावनाओंका सम्मान रखते हुए कार्यवाही नहीं करनेका आश्वासन दिया गया । कहा गया कि निलम्बित छात्राएं बुधवारसे ही अपने अभिभावकोंके संग विद्यालय आ सकती हैं । अभिभावक कक्षा अध्यापकसे मिलकर वार्ता करें, ताकि भविष्यमें ऐसी घटनाओंकी पुनरावृत्ति न हो ।

 

“विद्यालयोंका कार्य केवल मैकालेकी शिक्षण पद्धतिका अनुसरण युवाओंका चहुंमुखी विनाश रह गया है । आने वाले हिन्दू राष्ट्रमें इन तथाकथित शैक्षणिक संस्थाओंका कोई अस्तित्व नहीं होगा” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : दैनिक जागरण



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