सबरीमालामें भडकी हिंसा, पुलिस दे रही हिन्दुओंके घरोंमें घुसनेकी चेतावनी !!


जनवरी ३, २०१८

सबरीमला मंदिरमें रजस्वला आयुकी दो महिलाओंके प्रवेश करनेके पश्चात गत दो दिवसोंमें हिन्दूवादी संगठनोंके विरोधके चलते २६६ लोगोंको बन्दी बनाया गया है ! पुलिसने बृहस्पतिवार, ३ जनवरीको यह सूचना दी कि ३३४ लोगोंके एक समूहको बन्दी बनाया गया । उन्होंने बताया कि हिन्दू संगठनोंके बन्दके कारण राज्यमें हुई व्यापक हिंसाके पश्चात पुलिसने हिंसक प्रदर्शनोंमें सम्मिलित लोगोंके विरुद्ध कार्यवाही करनेके लिए विशेष अभियान ‘ऑपरेशन ब्रोकन विंडो’ चलाया । पुलिसने एक विज्ञप्तिमें बताया कि विशेष शाखा हिंसामें सम्मिलित लोगोंकी सूची तैयार करेगी और उसे आगेकी कार्यवाहीके लिए पुलिस प्रमुखोंको सौंपेगी । विज्ञप्तिमें बताया गया है कि हिंसाके दोषियोंका एक चित्र संग्राहिकी (एलबम) भी तैयार की जाएगी । हिंसामें सम्मिलित आन्दोलनकारियोंको बन्दी बनानेके लिए विशेष दल भी गठित किए जाएंगें । इसमें कहा गया है कि संदिग्धोंके चलभाष लिए जाएंगे और उन्हें ‘डिजिटल’ जांचके लिए भेजा जाएगा । उनके घरोंपर शस्त्रोंका पता लगानेके लिए छापे भी मारे जाएंगें । विज्ञप्तिके अनुसार सामाजिक प्रसार माध्यमपर कथित घृणा अभियानमें सम्मिलित लोगोंके विरुद्ध प्रकरण भी प्रविष्ट किए जाएंगें ।

 

“मिशनरी संचालित केरलके ईसाई मुख्यमन्त्रीका हिन्दू द्रोह बढता ही जा रहा है; अतः केन्द्र अब इसमें हस्तक्षेप करें । पुलिस किसप्रकार हिन्दुओंको घरमें घुसनेकी चेतावनी दे रही हैं, कहीं यह राज्यके सभी हिन्दुओंका दमन करने हेतु विषकारी षडयन्त्र तो नहीं ? केन्द्र व राष्ट्रपति अब इसप्रकरणमें हस्तक्षेप करें व उच्चतम न्यायालयके बिना सोचे-समझे दिए निर्णयको रद्द करें, यही राष्ट्र हितमें होगा !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : नभाटा



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