जनवरी २१, २०१९
एक ओर राष्ट्रीय स्तरपर ‘बेटी बचाओ, बेटी पढाओ’ अभियानको लेकर स्वयं प्रधानमन्त्री मोदी आगे बढ रहे हैं, वहीं राहुल कांग्रेसकी एनएसयूआई छात्राओंके साथ दुर्व्यवहार, बात नही माननेपर चेतावनी देना, शिक्षा बंद करवाने आदि महिला विरोधी गतिविधियोंपर लगे हुए हैं ।
उत्तरप्रदेशके शाहजहांपुरमें एनएसयूआईका नेता इरफान हुसैन एक लडकीसे कह रहा है कि “लडकियां सीमामें रहती हैं तो अच्छी लगती हैं । तुम्हारा कॉलेजमें घुसना कठिन कर दूंगा ।”
युवती भयभीत नहीं होती है और उत्तर देती है । नेताजी छेडखानी (सम्भवतः लव जिहाद) कर रहे थे; परन्तु युवतीने मौन रहनेके स्थानपर हंगामा कर दिया ।
उल्लेखनीय है कि एनएसयूआईका राष्ट्रीय अध्यक्षसे दुष्कर्मके आरोपमें त्यागपत्र लिया जा चुका है । इससे पूर्व वर्ष २०१८ में एनएसयूआई कार्यकर्ताओंके ऊपर महिलाओंके साथ छेडखानी, स्मैकके संग बन्दी बनाना, विश्रामालयोंमें तोडफोड जैसे प्रकरण प्रविष्ट हो चुके हैं ।
“प्रथम तो शैक्षणिक संस्थानोंमें ये तथाकथित नेताओंके संगठन नहीं होने चाहिए । आजकी राजनीति विकृत है और इस विकृत राजनीतिमें जब छात्रोंको सम्मिलित किया जाता है तो शैक्षणिक संस्थानोंमें भी राजनीतिक कचरा भर जाता है । तदोपरान्त वहां केवल राजनीति होती है, शिक्षा नहीं ! राहुल गांधी सदैव महिलाओंके हितोंकी बात करते हैं, तो क्या कांग्रेसका महिला हित यही है ? गत दिवसोंमें राहुल रक्षामन्त्रीपर निन्दनीय टिप्पणी कर चूके हैं तो ये संगठनके नेता उन्हींसे शिक्षा ले रहे हैं ! यदि राहुल सत्यमें महिला हितैषी है तो क्या वे इरफानको संगठनसे बाहर करेंगें ? उनके उत्तरकी अपेक्षा सभी राष्ट्रवादियोंको है !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : ईपोस्टमोर्टम
Leave a Reply