१३ रोगी चिकित्सालयमें जलकर मृत हुए, महाराष्ट्रके स्वास्थ्य मन्त्रीने कहा – ‘यह राष्ट्रीय समाचार नहीं’
२३ अप्रैल, २०२१
यह घटना शुक्रवार भोरमें मुम्बईके विरार स्थित विजय वल्लभ चिकित्सालयमें वातानुकूलकमें ‘शॉर्ट-शर्किट’के कारणसे आग लगनेसे हुई, जिससे गहन चिकित्सा इकाईमें (आईसीयूमें) उपचार करा रहे १७ में से १३ रोगियोंकी कष्टप्रद मृत्यु हो गई । प्रश्न पूछे जानेपर महाराष्ट्रके स्वास्थ्य मन्त्री राजेश टोपेने कहा, ”हम प्राणवायुके विषयमें चर्चा करेंगे, ‘रेमडेसिविर’के विषयमें चर्चा करेंगे, यह घटना जो घटी है वो राष्ट्रीय समाचार नहीं है । पत्रकारोंको ये वक्तव्य देते समय राष्ट्रके सर्वाधिक ‘कोरोनावायरस’ प्रभावित राज्यके स्वास्थ्य मन्त्री बिना मुखावरण लगाए दिखाई दिए ।
उन्होंने कहा राज्य शासनकी ओरसे ५ लाख रुपए और महानगरपालिकाकी ओरसे ५ लाख रुपए कुल १० लाख रुपएकी सहायता दी जाएगी । टोपेने कहा कि इस घटनाकी विस्तृत जांचकी जाएगी और विवरण १० दिवसमें प्राप्त करके दोषियोंके विरुद्ध कार्रवाईकी जाएगी।
महाराष्ट्रमें मात्र दो दिवसके मध्य ही यह चिकित्सालयमें दुर्घटनाके कारणसे ये ‘कोविड’ रोगियोंकी मृत्युकी द्वितीय बडी घटना है। इससे पूर्व महाराष्ट्रके नासिकमें २१ अप्रैल २०२१, बुधवारको ‘टैंकर’से प्राणवायु का रिसाव होनेके कारणसे २४ ‘कोरोना’ रोगियोंकी मृत्यु हो गई थी। यह घटना नासिकके जाकिर हुसैन चिकित्सालयमें घटी थी।
सत्तलोलुप राजनेताओंको लोगोंकी मृत्युका समाचार अपने सिंहासनके समक्ष तथ्यहीन दिखाई देता है । ऐसे हृदयहीन राजनेताओंको अब पाठ पढानेका समय आ गया है । हिन्दू राष्ट्र ही वो पाठशाला होगी जिसमें ऐसे सभी लोगों को दण्ड दिया जाएगा । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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