नमामि नारायण पादपंकजं
करोमि नारायण पूजनं सदा ।
जपामि नारायण नाम निर्मलं
स्मरामि नारायण तत्त्वमव्ययम् ।।
अर्थ : हे श्रीमन् नारायण ! आपके चरणकमलोंका वन्दन करता हूं, उनका सदैव पूजन करता हूं । आपके निर्मल नामका सुमिरन करता हूं और आपके शाश्वत तत्त्वका स्मरण करता हूं ।
Leave a Reply