मार्च ६, २०१९
केन्द्रीय मन्त्री वीके सिंहने पाकिस्तानमें घुसकर वायुसेनाके ‘एयर स्ट्राइक’को लेकर साक्ष्य मांगने वालोंपर तीखी टिप्पणी की है । विदेश राज्य मन्त्रीने कहा, “अगली बार भारत कुछ करे तो मुझे लगता है कि विपक्षी, जो ये प्रश्न उठाते हैं, उनको हवाई जहाजके नीचे बांधके ले जाएं ! जब बम चलें तो वहांसे लक्ष्य देख लें । उसके पश्चात उनको वहींपर उतार दें, वे गिन लें और वापास आ जाएं ।’
वीके सिंहने कहा कि देशके लोग चाहते हैं कि आतंकवादसे लडनेके लिए भारत इजरायलका अनुसरण करे; परन्तु ऐसा विपक्षके चलते नहीं हो सकता है । यही नहीं उन्होंने कहा कि बाहरका तो ज्ञात नहीं देशके भीतर भी एक सर्जिकल स्ट्राइककी आवयकता है । वीके सिंहने कहा कि इजरायलका विपक्ष अपनी सेनापर संदेह नहीं करता और उसे अपमानित करनेका प्रयास नहीं करता है । पूर्व सेनाध्यक्षने कहा कि उनकी सेना जब ‘ऑपरेशन म्यूनिख’ जैसे कार्य करती है तो कोई संदेह नहीं करता !
Union Min VK Singh: Agli baar jab Bharat kuch kare toh mujhe lagta hai ki vipakshi jo ye prashna uthate hain, unko hawai jahaz ke neeche baandh ke le jayein, jab bomb chale toh vahan se dekh lein target, uske baad unko vahin par utar dein, uske baad vo gin le aur wapas aajayein. pic.twitter.com/DsEy8bzVv8
— ANI (@ANI) March 6, 2019
‘फेसबुक’पर एक लंबा लेख लिखकर वीके सिंहने विपक्षी नेताओं, छात्र नेताओं, समाज सुधारक और समाचार माध्यमोंपर लक्ष्य साधते हुए कहा कि भारतके भीतर भी एक ‘सर्जिकल स्ट्राइक’की आवश्यकता है । यदि ये नहीं हो पाया तो लुटेरे तो लूटनेके लिए सज्ज हैं । आज जो पाकिस्तानको समाप्त करनेकी बात कर रहे हैं और सत्यमें युद्ध हो जाए और प्याज-पेट्रोल-टमाटर महंगे हो गए तो सडकोंपर आ जाएंगें । दाल फ्राई खानेका शौकीन देश टमाटर महंगे होना नहीं सहन कर सकता !
जेएनयूमें कथित देशविरोधी नारेबाजी, मीडिया और अभिनेताओंको लेकर वीके सिंहने कहा कि इजरायलके नेता सेनाध्यक्षको कुत्ता, गुंडा नहीं कहते हैं ! करदाताओंके धनपर पढनेवाले शहेला राशिद या कन्हैया कुमार जैसे जोंक नहीं है, वहां जो सेनाको बलात्कारी बताते फिरे ! वहांके अभिनेता अपनी भूमिपर जहां वो पैदा हुए हैं, जहां वो सफल हुए हैं, उसपर लज्जित नहीं होते हैं । असहिष्णुताका नाटक नहीं करते हैं । वहां इजरायलमें आतंकियोंके मानवाधिकार नहीं होते हैं और न ही वहांके पत्रकार आतंकीको ‘टेररिस्ट’ कहनेके स्थानपर ‘मिलिटेंट या उग्रवादी’ कहते हैं !
“मन्त्री वी.के. सिंहने एक साथ सभी द्रोहियोंको जिसमें विपक्ष, तथाकथित उदारवादी व धर्मनिरपेक्षवादी और वे कुछ समाचार माध्यम हैं, जो सेनाका विरोधकर राष्ट्रद्रोह कर रहे हैं ! ये सभी लज्जा तो वर्षों पूर्व ही त्याग ही चुके थे और अब तो विरोध करनेके नामपर ऐसा अपराध कर रहे हैं, जो क्षमा योग्य नहीं है ! तथाकथित शैक्षणिक संस्थान, जिनका कार्य शिक्षा देना है, वे राष्ट्रविरोधी उद्घोष करते हैं; वे राजनीतिक दल, जो भ्रष्टाचारकी सभी सीमाएं लांघ चुके हैं; वे कुछ समाचार माध्यम, जो आतंकियोंको एक विचारधारा बताकर पोषित करते हैं, इनपर सत्यमें ही एक आन्तरिक स्ट्राइककी आवश्यकता है; क्योंकि जिसप्रकार आतंकी देशको बाहरसे खा रहे हैं, उसीप्रकार ये देशको भीतरसे जर्जर कर रहे हैं !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : नभाटा
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