‘वाजिदके लिखित प्रारूपमें (हिबानामामें) बच्चोंको सम्पत्तिमें भाग नहीं, साजिद व उसकी मांके विरुद्ध बॉम्बे उच्च न्यायालय पहुंची पारसी पत्नी कमलरुख 


२० अप्रैल, २०२१
     पारसी पत्नी कमलरुखने पारिवारिक सम्पत्तिके विवादमें बॉम्बे उच्च न्यायालयमें ‘कोरोना’के कारण हुए अपने पति संगीतकार वाजिदकी मृत्युके पश्चात उसके भाई साजिद खान और उनकी मांके विरुद्ध अभियोग प्रविष्ट कराया और बताया कि उनके पतिने अपने निधनसे पूर्व अपनी सम्पत्तिको केवल पत्नी और बच्चोंके नाम किया था । उन्होंने साजिद और उनकी मांपर उन्हें  एक-दूसरेसे पृथक करनेके विरुद्ध और साथ ही स्वयंकी और बच्चोंके हितोंकी रक्षा करनेकी मांग की ।
उल्लेखनीय है कि पारसी कमलरुख धर्मान्तरणके दबावोंके कारण परिवारसे पृथक रहती थीं । वाजिद भी पत्नी कमलरुखके साथ ही रहते थे । २०१४ में विवाद इतना बढ गया था कि वाजिदने ‘तलाक’की याचिका भी बांद्रा न्यायालयमें प्रविष्ट की थी ।  कमलरुखने कहा कि वाजिदने अपनी सम्पत्ति उस समय जिस अनुबन्धपर हस्ताक्षर किया था, उसमें अपनी सम्पत्तिके अनुरक्षणका उत्तरदायित्व पत्नी और बच्चोंको दिया था और कुछ अचल सम्पत्ति उनके नामकी भी थी; परन्तु साजिद और उनकी मांका कहना है कि वाजिदके लिखित प्रारूप अनुसार बच्चोंको कुछ नहीं मिलनेवाला है और आरोप है कि साजिदने सम्पत्ति हडपनेके लिए अपना नाम ‘साजिद वाजिद’ रखनेका भी प्रयास किया ।
     मुसलमानोंमें प्राय: देखनेमें यही आता है कि ये दूसरे पन्थ या समुदायके साथ विश्वासघात करते हुए मानवताको भी तार-तारकर देते है; इसलिए अन्य पन्थों और विशेषकर हिन्दू धर्मके लोगोंको इस घटनासे सीखते हुए इनसे दूरी बनाकर रखना ही हमारे लिए सर्वोत्तम और सुरक्षित उपाय है । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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