बंगालमें नजरुल इस्लामने श्रमिककी पुत्रीको ‘गोदाम’में बुलाकर किया दुष्कर्म


१६ अगस्त, २०२१ 
         बंगालमें एक छोटी बालिकाके साथ दुष्कर्म करनेका प्रकरण उजागर हुआ है । समाचारके अनुसार गोदाममें चावल मापनेके नामपर नजरुल इस्लाम बच्चीको भीतर ले गया, जहां उसने बच्चीके साथ दुष्कर्म किया । प्रकरण मालदा जनपदके चांदीपुर गांवका है । ‘टाइम्स ऑफ इंडिया’के प्रतिवेदनके अनुसार नजरुल इस्लाम निर्धन लोगोंको ‘राशन’की विपणिसे मिले चावलको पहले अवैध रूपसे क्रय करता, तत्पश्चात उसे अधिक मूल्यपर विक्रय करता था । गत शुक्रवारको एक श्रमिक परिवारने इस्लामको अपने चावल विक्रय करनेकी बात कही । परिवारकी दो पुत्रियां चावल लेकर इस्लामके ‘गोदाम’ पहुंची, जहां उसने छोटी पुत्रीको बाहर रोका व बडी पुत्रीको भीतर ले गया और वहां उसके साथ दुष्कर्म किया । दुष्कर्मके पश्चात बच्चीके हाथमें इस्लाम ३५० रुपए पकडाकर चला गया । बच्ची क्रन्दन करती हुई अपने घर पहुंची और माताको इसकी जानकारी दी । वहीं प्रकरणके विषयमें गांववालोंको जब जानकारी मिली तो उन्होंने नजरूलको घरसे निकालकर पीटना आरम्भ कर दिया । सूचना मिलते ही हरिशचंद्रपुर थाना ‘पुलिस’ गांव पहुंची जहां कठिनाईसे आरोपीको गांववालोंसे छुडवाया गया । ‘पुलिस’ने आरोपी इस्लामको बन्दी बनाकर उसके विरुद्ध ‘पोक्सो एक्ट’के अन्तर्गत प्रकरण प्रविष्ट किया है ।
      इस्लामका और इस्लामी शिक्षाका, बलात्करसे वही सम्बन्ध है, जो असुरोंका आसुरी कृत्योंसे है । यदि असुर, राक्षसी प्रवृत्ति त्याग दें, तो वे असुर रह ही नहीं जाएं; अपितु सामान्य मनुष्य बन जाएं ! वैसे ही इस्लामके अनुयायी भी हैं, जिन्हें बलात्कार एक ‘सवाब’ (पुण्य) बताया गया है । नित्य जिहादियोंद्वारा की जा रही दुष्कर्मकी घटनाएं इस तथ्यकी पुष्टि करती हैं । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
 
 
स्रोत : ऑप इंडिया


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