शबीना, नजमा, नीलोफर, महमूदा, फातिमा मुम्बईकी महिला ‘ड्रग्स माफिया’, जो ‘झुग्गियों’से चलाती हैं साम्राज्य
०६ फरवरी, २०२१
जहां एक ओर मुम्बई पुलिस और केन्द्रीय जांच विभाग ‘ड्रग्स’के लेनदेन कर्ताओंको पकडनेमें लगी हुई हैं, वहीं दूसरी ओर इस आपराधिक संसारमें कुछ महिलाएं भी सक्रिय हैं, जिनके विषयमें बहुत ‘कम’ ही लोगोंको ज्ञात है । विगत समयमें मुम्बई पुलिसने कई महिला ‘ड्रग्स पेडलर्स’को बन्दी बनाया है, जिसके पश्चात इसमें महिलाओंके बडी संख्यामें सम्मिलित होनेकी आशङ्का प्रकट की गई है । अब पुलिसकी दृष्टि भी उनपर है । सुशांत सिंह राजपूत प्रकरणमें ‘एनसीबी’की कार्यवाहीके पश्चात भी कई नाम सामने आए ।
‘Mid Day’ने ५ ऐसी महिला ‘ड्रग्स पेडलर्स’के विषयमें बताया है, जिन्हें वर्तमानके दिवसोंमें बन्दी बनाया गया है । महिला ‘ड्रग्स माफिया’ मुम्बईकी ‘झुग्गियों’से इस आपराधिक व्यावसायको चलाती रही हैं, जो भाडेपर अथवा स्वयंके होते हैं ।
‘ड्रग्स’का सम्पूर्ण व्यवसाय ‘कैश’से ही चलता आ रहा है और इसमें भी ‘ऑनलाइन’ लेन-देन होते हैं । ‘कैश’के स्थानपर ‘ड्रग्स माफिया’ सम्पत्ति क्रय करते रहते हैं; परन्तु वे अपने नामसे ऐसा नहीं करते । वे अपने मित्रों या परिजनके नामपर सम्पत्ति पंजीकृत कराते हैं । वे ‘झुग्गियां’ क्रय करते हैं, जिनके स्वामित्वके लिखितपत्र भी पुष्ट और स्पष्ट नहीं होते । वहां उन्हें अपनी अवैध आयको छुपानेमें सुविधा होती है ।
जिहादी तो पापकर्ममें आगे रहते ही हैं, अब ‘झुग्गी’में रहनेवाली इन मुसलमान महिलाओंने बताया है कि राष्ट्रद्रोहमें वे भी पीछे नहीं हैं । केन्द्र त्वरित इनकी जांच करे, कहीं ये स्वयं रोहिंग्या न हों ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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