१२ वर्षकी आयुमें नकी खान और उसके भाईने किया था बलात्कार २६ वर्ष पश्चात होगी ‘डीएनए’ जांच
०९ मार्च, २०२१
उत्तर प्रदेशके शाहजहांपुरमें २६ वर्ष पूर्व हुए बलात्कारकी घटना चर्चामें आई है । एक महिलाने इस सम्बन्धमें परिवाद प्रविष्ट कराया है । उसका कहना है कि वर्ष १९९४ में उसके साथ बलात्कार हुआ था, जिसके पश्चात वह गर्भवती हो गई और एक बच्चेको जन्म दिया । अब वही बच्चा बडा हो गया है और अपने पिताका नाम जानकर उन्हें दण्ड दिलवाना चाहता है ।
घटनाके समय पीडिता १२ वर्षकी थी । दूसरे समुदायके नकी खानने उसके साथ दुष्कर्म किया । घटनावाले दिवस वह शाहजहांपुर स्थित अपने बहन-बहनोईके घर अकेली थी । तभी, नकी खान घरमें घुसा और उसको दबोचकर बलात्कार किया । इस घटनाके दो दिन पश्चात उसके भाई गुड्डूने भी उसके साथ दुष्कर्म किया ।
पीडिताके अनुसार, दुष्कर्मके पश्चात आरोपितोंने उसे धमकी दी थी कि वह किसीको कुछ न बताए; परन्तु जब वह गर्भवती हुई तो सबको यह बात पता चल गई । वह समाजके भयसे लखनऊमें जा बसी । जहां एक वर्ष पश्चात उसने पुत्रको जन्म दिया, जिसे कालान्तरमें हरदोईके किसी हिन्दू दम्पतिने गोद ले लिया ।
पीडिता पहले अपने पुत्रसे अपनी ‘पहचान’ छिपा-छिपाकर मिली; परन्तु कुछ समय उपरान्त उसने सत्य बता दिया । सत्य जानकर लडका लखनऊमें ही रहने लगा । मांकी भूतकालकी घटना सुनकर उसने आरोपियो़को दण्ड दिलानेका निश्चय किया । कहा कि यदि आरोपियोंको दण्ड नहीं मिला तो वह आत्महत्या कर लेगा ।
यह तो सर्वविदित है कि, विशेष सम्प्रदाय कहे जानेवाले पन्थके युवक अपनी सगी बहन, सौतली बहन, भाभी आदि सबको अपने वासनाका ग्रास बनाते हैं; तो अन्योंके साथ क्या करेंगे ? इसका परिणाम सामने हैं । ऐसा नहीं है कि इतने वर्षों पश्चात जिहादी सुधर गए हैं । इनका तब भी उद्देश्य जिहाद था और अब भी जिहाद ही है । सभीको ऐसे लोगोंसे दूरी बनानी चाहिए । – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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