१०० कोटिके व्ययसे बन रहे कृष्ण-अर्जुन मंदिरमें रखी जाएगी विश्वकी सबसे बडी गीता !


नवम्बर २६, २०१८

धर्मनगरी कुरुक्षेत्रमें बन रहे उत्तर भारतके सबसे भव्य इस्कॉन श्रीकृष्ण-अर्जुन मंदिरमें विश्वकी सबसे बडी श्रीमद् भगवद्गीता रखी जाएगी । इस्कॉनने ८०० किलो भार वाली गीताको इटलीके मिलान नगरमें तैयार कराया है । लगभग डेढ कोटि रुपएकी लागतसे तैयार की गई इस गीताकी सज्जामें प्लेटिनम, सोना और चांदीका प्रयोग किया गया है ।

इस्कॉन कुरुक्षेत्र प्रभारी साक्षी गोपाल दास महाराजके अनुसार, मिलान नगरमें छापी गई गीताकी लंबाई नौ फीट, चौडाई छह फीट और ऊंचाई १० फीट होगी । कवरको सशक्त बनाए रखनेके लिए धातुका उपयोग किया जाएगा । दिसम्बरमें दिल्लीके इस्कॉनमें प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी इसका उद्धघाटन करेंगे । इसके पश्चात इसे देशभरमें कई बडे नगरोंके इस्कॉन मंदिरमें रखा जाएगा ।

साक्षीगोपाल दासके अनुसार, देशभरके इस्कॉन मंदिरोंसे लौटनेके पश्चात इस गीताको कुरुक्षेत्र पिहोवा रोडपर ज्योतिसरमें बन रहे इस्कॉन मंदिरमें स्थाई रूपसे रखा जाएगा । इस मंदिरका ८०% निर्माण हो चुका है । यद्यपि, इसे कब यहां लाया जाएगा ?, अभी यह निर्धारित नहीं है । इटलीसे इस गीताको समुद्री रास्तेसे भारत लाया जाएगा । इस मंदिरमें स्थापित होने वाले अर्जुनके रथके लिए चीनमें चार कोटि रुपयोंकी लागतसे घोडे तैयार करवाए जा रहे हैं ।

६७० पृष्ठोंकी इस गीताके पृष्ठको फटनेसे बचानेके लिए विशेष सिंथेटिक कागदका उपयोग किया है । यह कागद पानीमें नहीं गलेगा । इस्कॉन इस गीताको ‘गिनीज रिकॉर्ड’में भी प्रविष्ट कराएगा । बताया जाता है कि इस्कॉनके संस्थापक स्वामी प्रभुपाद द्वारा गीताकी टीकाके इस वर्ष ५० वर्ष पूर्ण हो रहे हैं । इसीको देखते हुए इस्कॉनसे जुडे भक्ति वेदांत पुस्तक संस्थानने विश्वके सबसे बडे धार्मिक ग्रंथके रूपमें गीताको वृहद आकारमें छापनेका निर्णय लिया था ।

 

“हम इस निर्णयका अभिनन्दन करते हैं, परन्तु आज जब धर्मकी चहुंओर ग्लानि हो रही है, सर्वत्र उच्छृंखलता व पाप दृष्टिगोचर होता है, राजनेताओंसे लेकर धर्मज्ञोंतक कोई भी अपना धर्म नहीं निभाना चाहता, ऐसेमें गीताके ज्ञानको अधिक प्रसारित करना अति आवश्यक है, अन्यथा इतने भव्य मन्दिरोंके होनेके पश्चात भी धर्मग्लानि हो रही है तो कहीं तो कमी है, इसपर विचार करें !”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

 

स्रोत : भास्कर



Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

सम्बन्धित लेख


© 2017. Vedic Upasna. All rights reserved. Origin IT Solution