योगी शासनका नदियोंमें सीवरेजका पानी रोकने हेतु प्रशंसनीय निर्णय


अगस्त २१, २०१८

राज्य शासनने मल-प्रवाहका (सीवरेजका) पानी नदियोंमें गिरनेसे तुरन्त रोकनेका निर्देश दिया है । प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंहने नगर आयुक्त व अधिशासी अधिकारियोंको निर्देश दिया है कि नदियोंमें किसी भी मूल्यपर मल-प्रवाहका पानी नहीं जाने दिया जाए ! विशेषतया गंगा नदीके किनारे बसे नगरोंमें ‘सीवरेज ट्रीटमेण्ट प्लाण्ट’का (एसटीपी)  कार्य शीघ्र पूर्ण कराया जाए !

मुख्यमन्त्री योगी आदित्य नाथने जनवरी २०१९ में संगम तटपर होने वाले कुम्भ मेलेको ध्यानमें रखते हुए नदियोंकी स्वच्छतापर विशेष ध्यान देनेको कहा है । मल-प्रवाहका पानी नदियोंमें जानेसे रोकनेके लिए आवश्यक व्यवस्था करनेको कहा है । टेनरियोंका अस्वच्छ पानी नदियोंमें ना जाए, इसके लिए आवश्यक व्यवस्था की जाएं । विशेषतया गंगा नदीकी स्वच्छतापर विशेष ध्यान दिया जाए, जिससे कुम्भके समय गंगा पूर्ण रूपसे स्वच्छ रह सके ।

प्रमुख सचिव नगर विकासने इसके आधारपर नगर आयुक्तों व अधिशासी अधिकारियोंको नदियोंमें मल-प्रवाह वाले पानी गिरने से रोकनेका निर्देश दिया है । उन्होंने कहा है कि बिजनौर, कन्नौज, कानपुर, इलाहाबाद, मिर्जापुर, वाराणसी, गाजीपुर व बलियामें गंगा नदीमें मल-प्रवाह व नालेका पानी ना गिरे, इसे रोकने के लिए तुरन्त व्यवस्था आरम्भ की जाएं । इसके साथ ही एसटीपीकी जो भी परियोजनाएं अधूरी पडी हैं, उसे अभियान चलाकर पूरा कराया जाए । नदियोंके किनारे लगे उद्योगोंका (फैक्ट्रियोंका) अस्वच्छ पानी उसमें न गिरे, इसपर भी विशेष ध्यान देनेको कहा है ।

उन्होंने कहा है कि उद्योगपतियोंसे उपचार संयन्त्र (ट्रीटमेंट प्लाण्ट) अनिवार्य रूपसे चलवाया जाए और इसके पानी न निकलने दिया जाए ! प्रदूषण नियन्त्रण मण्डलके अधिकारियोंके साथ इसकी समय-समयपर जांच की जाए ! उपचार संयन्त्र बन्द मिलनेपर आवश्यक कार्यवाही की जाए ।

“हम योगी शासनके नदी स्वच्छताके निर्णयका स्वागत करते हैं “- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : लाइव हिन्दुस्तान



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