१२ दिसम्बर, २०२०
हिन्दू महिलाओंपर आपत्तिजनक वक्तव्य देनेके कारण पूर्व क्रिकेटर युवराज सिंहके पिता योगराज सिंहको चलचित्र निर्माता विवेक अग्निहोत्रीने अपनी फिल्म ‘द कश्मीरी फाइल्स’से निकाल दिया है । ‘फिल्म’में योगराज सिंहके स्थानपर अब पुनीत इस्सर अभिनय करेंगे ।
विवेक अग्निहोत्रीने अपने वक्तव्यमें कहा है, “मैंने अपनी फिल्म ‘द कश्मीरी फाइल्स’में योगराज सिंहको एक बहुत महत्त्वपूर्ण ‘रोल’के लिए ‘कास्ट’ किया था और उनसे लम्बी वार्ता भी की थी । मुझे उनका इतिहास ज्ञात था; परन्तु मैंने उसे अनदेखा किया, क्योंकि मैं कला और कलाकारको नहीं मिलाता । मैंने हमेशा कला और राजनीतिको पृथक रखा । जब उन्होंने भाषण दिया तो वो चिन्तित करनेवाला था ।”
निर्देशक विवेक कहते हैं, “मैं किसी ऐसेको सहन नहीं कर सकता, जो महिलाओंके विरूद्ध आपत्तिजनक बोले । यह बात केवल हिन्दू महिलाओं या मुस्लिम महिलाओंके लिए नहीं है, उन्होंने महिलाओंके लिए इतना अपमानजनक कहा । उससे भी बडी बात कि उन्होंने द्वेषसे भरा विभाजनकारी ‘नैरेटिव’ बनानेका प्रयास किया । मैंने आधिकारिक रूपसे उन्हें निलम्बन-पत्र भेज दिया है । मुझे उत्तरकी चिन्ता नहीं है । मैं कोई ‘कामर्शियल फिल्ममेकर’ नहीं हूं । मैं उद्देश्यके साथ चलचित्र बनाता हूं । मैंने सत्य प्रदर्शित करनेके लिए ‘फिल्म’ बनाई है और मैं नहीं चाहता यह व्यक्ति उस सत्यका भाग बने । उन्होंने जो भी कहा, वह द्वेषभरा था और ऐसे लोग केवल हिंसा फैलाना जानते हैं ।”
योगराज सिंहके हिन्दू घृणासे भरे शब्द योगराज सिंहने पिछले दिनों किसान आन्दोलनमें अपना समर्थन देते हुए पंजाबीमें एक भाषण दिया था । प्रधानमन्त्री नरेन्द्र मोदी और गृहमन्त्री अमित शाहपर प्रश्न उठाते हुए योगराजने गुजरातियोंपर कटाक्ष किया था । उन्होंने कहा था, “मैं इन्हें आप लोगोंसे अधिक जानता हूं । ये मां-बेटियोंकी प्रतिज्ञा लेकर भी पलट जाते हैं । मैं आपको बधाई देता हूं कि जब अमित शाहने कहा कि निरंकारी ‘ग्राउंड’ आ जाओ, तो आप नहीं गए । इनकी किसी बातका विश्वास नहीं करना । एक बात और कहना चाहता हूं जब इनकी महिलाओंको अहमद शाह दुर्रानी ले जाता और वहां ‘टके-टके’की बिकती थी, तो पंजाबियोंने बचाया ।”
“मैंने अपने नेताओंको देहली दरबारमें बिकते हुए देखा है, बोली लगती है; ५ कोटि से लेकर १०-२० कोटि तक । यह वो कौम है, जिन्होंने सहस्रों वर्षों दासता की है, वो दास जब सत्तामें आते हैं, तो ऐसा ही करते हैं । मैं हाथ जोडकर कहता हूं कि अपनेमें ‘लीडर’ ढूंढों, बहुत मिलेंगे । पंजाब बचाना है, तो अपने हाथमें सत्ता रखो । हम एक ‘जरनैल’ नहीं पैदा कर सकते ? ये जो खडे हैं, सब ‘जरनैल’ हैं ।”
इसके अतिरिक्त योगराज सिंहने इन्दिरा गांधीका उदाहरण देकर प्रधानमन्त्री मोदीको दी गई धमकियोंपर अपना स्पष्टीकरण दिया था और साथ ही कहा था कि शासनके अत्याचार बाबर, औरंगजेब और ब्रिटिश जैसे आक्रान्ताओंसे भी बहुत अधिक है ।
भारतकी भूमिमें रहकर भी यह नेतागण, और ऐसे व्यक्ति राष्ट्रका व नारीका अपमान करते हैं, उनको अपशब्द कहते हैं क्या यह मानव कहलानेके भी योग्य हैं ? सिक्ख पन्थ, जो स्वयं हिन्दुओंसे ही उदय किया गया, क्या वह इन बातों को नहीं जानता, जो आज उनके लिए हिन्दु महिलाएं उनकी ‘औरतें’ हो गई ? यदि विभाजनकी दृष्टिसे देखा जाए, तो क्या सिखोंके नरसंहारके समय हिन्दुओंने ही आप लोगोंको अपने घरोंमें छुपाकर नहीं बचाया था ?; परन्तु कोई भी हिन्दू इसे नहीं गिनाता, क्योंकि वह जानता है कि सिखभी हमारे भाई हैं, क्योंकि वे भी हिन्दू ही हैं । युवराज सिंहके पिताको देशका नागरिक, क्रिकेटरका पिता और एक सिख होनेके नाते लज्जा आनी चाहिए और पागलपनको ठीक करवानेके लिए चिकित्सकसे मिलना चाहिए और देशमें विष न फैलाए, इसपर शासनने ध्यान देना चाहिए ! – सम्पादक, वैदिक उपाासना पीठ
स्रोत : ऑप इंडिया
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