जून २६, २०१९
उत्तराखण्ड शासनने बडा निर्णय लिया है । अब उत्तराखण्डमें दोसे अधिक बच्चे करनेवाले नेता पंचायतका चुनाव नहीं लड पाएंगें । राज्यके भाजपा शासनने इसके लिए पंचायतीराज (संशोधन) अधिनियम २०१९ को विधानसभासे पारित करा लिया है । अब अधिनियम राज्यपालके पास जाएगा और प्रदेशमें पारित होगा ।
इसप्रकार आगामी चुनावमें यह परिवर्तन पारित होनेकी राह स्पष्ट हो गई है । जिस दिवस यह अधिनियम पारित होगा, उस दिनसे २ बच्चेवाले लोग पंचायत चुनाव नही लड सकेंगें । विधेयकमें कहा गया है कि दो बच्चोंसे अधिकवाले ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतका चुनाव नहीं लड सकते हैं । वहीं चुनाव लडनेवाले प्रत्याशीकी शैक्षणिक योग्यता भी निर्धारित हो सकती है । प्रदेशमें लगभग ५० सहस्र पंचायत प्रतिनिधि चुनावसे चुने जाते हैं ।
शासनके इस निर्णयसे श्रीनगरमें स्थानीय सहित ग्रामीण लोगोंने स्वागत किया है । उनका कहना है कि इससे एक शिक्षित व्यक्तिके हाथोंमें प्रतिनिधत्वकी कमान आएगी, जिससे गांवका विकास हो पाएगा । वहीं कई लोग इसके विरोधमें भी हैं ।
“यह निर्णय कुछ न करनेसे आगे बढनेकी दिशामें एक उचित पग है; परन्तु केवल पंचायत चुनावपर ही क्यों, यह निर्णय विधानसभा मतदानपर भी होना चाहिए और भाजपा यह नियम समूचे देशमें पारित करें ।”- सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : लाइव इण्डिया
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