जून २, २०१९
उत्तर प्रदेशके अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयमें जिन्नाके चित्रको लेकर विवाद एक बार पुनः बढ गया है । भाजपा सांसद सतीश गौतमने कहा था, “अलीगढ मुस्लिम विश्वविद्यालयके परिसरसे मोहम्मद अली जिन्नाका चित्रको हटवाकर उसे पाकिस्तान भेजना मेरी प्राथमिकता है । जिन्नाके लिए एएमयूमें कोई स्थान नहीं है ।” इसपर छात्रसंघने सांसदके चित्रको हटानेकी चुनौती दी है । छात्रसंघने कहा कि ‘स्टूडेंट हॉल’में लगी मोहम्मद जिन्नाका चित्र तभी हटेगा, जब मानव संसाधन मंत्रालयकी ओरसे निर्देश जारी किया जाएगा ।
छात्रसंघके निवर्तमान सचिव हुजाएफा आमिर रश्दीने कहा, “किसी एक विशेषको लक्ष्य बनाना ठीक नहीं है । आप कहां-कहां हटवाएंगें ? विभाजनके लिए उत्तरदायी गांधी हैं, नेहरु भी हैं, ऐसेमें आप उनका चित्र हटवाइए । यदि जिन्नाका चित्र हटानेके लिए कोई विधान आता है तो ठीक है; परन्तु मुझे नहीं लगता कि ऐसी कोई बात होगी । दो वर्ष पूर्व सांसदने इस प्रकरणको बृहद स्तरपर उठाया था । चर्चामें आनेके लिए विवाद उत्पन्न किए गए ताकि पुनः टिकट मिल जाए ।”
गत १ मई २०१९ को भाजपा सांसद सतीश गौतमने जिन्नाके चित्र हटानेको लेकर एएमयूके कुलपतिको एक पत्र भी लिखा था । छात्रसंघ का कहना है, “यह विश्वविद्यालयकी विरासतका अंग है । यही कारण है कि महाविद्यालय प्रशासन भी इसकी देखभाल करता है ।’
“बात विरासतकी नहीं है, बात स्वाभिमानकी है । एएमयूके छात्रोंका जिन्नाके प्रति प्रेम दिखाता है कि उनमें राष्ट्रके प्रति स्वाभिमान और गौरव नहीं है । इतनीसी बातको छिपाने हेतु छात्रसंघ शब्दोंके जाल बिछा रहा है । जिन्ना विद्यालयकी विरासतका अंग कैसे हो सकता है ? अब केन्द्र ही इसपर योग्य निर्णय ले और जिन्नाके चित्रको एएमयू से हटाए, यही समूचे राष्ट्रको अपेक्षित है ।” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ
स्रोत : जनसत्ता
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