कासगंज हिंसा की प्लानिंग पहले से थी, इसमें PAK समर्थकों का हाथ: BJP नेताओं का दावा


नई दिल्ली/लखनऊ.   यूपी के कासगंज में भड़की हिंसा को लेकर मंगलवार को कई बीजेपी नेताओं ने बयान सामने आए। विनय कटियार ने पाकिस्तान समर्थकों को माहौल बिगाड़ने के लिए जिम्मेदार करार दिया। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग तिरंगे का अपमान करने के लिए किसी भी हद तक गिर सकते हैं। वहीं, बरेली के डीएम की विवादित फेसबुक पोस्ट का जिक्र करते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा कि हिंसा की प्लानिंग पहले से थी। पाकिस्तान हमारे सैनिकों को मार रहा है, तो फिर पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे क्यों ना लगाएं। बता दें कि 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा से जुड़े करीब 112 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

गिरिराज सिंह ने रिपोर्टिंग पर सवाल उठाए

– केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, ”मुझे लगता है कि कासगंज में हिंसा की प्लानिंग पहले से थी। अगर चंदन गुप्ता की बजाय दूसरे समुदाय का कोई शख्स मारा जाता तो मीडिया में अलग तरह की डिबेट होती। अब मेजॉरिटी कम्युनिटी के एक शख्स की मौत हुई है तो मीडिया अलग लाइन अपना ली है। हमें इस सोच को बदलना होगा।”

– सिंह ने बरेली के डीएम की फेसबुक पोस्ट का जिक्र करते हुए कहा, ”मैं ब्यूरोक्रेट से पूछता हूं कि पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे क्यों नहीं लगाए जाएं। हम ऐसे नारे लगाएंगे क्योंकि पाकिस्तान आतंक फैलाकर बॉर्डर पर देश के सैनिकों को मार रहा है।”

 

PAK सपोर्टर्स से कड़ाई से निपटा जाए

 

– अब पाकिस्तान को सपोर्ट करने वाले कुछ लोग बेनकाब हो गए हैं। इनसे कड़ाई से निपटा जाए। ये वही लोग हैं, जो पाकिस्तान के समर्थन में नारेबाजी करते हैं। सरकार को इनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए ताकि आगे ऐसी घटनाएं न हों।

 

साध्वी निरंजना बोलीं- दोषियों पर कार्रवाई हो

– बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री साध्वी निरंजना ज्योति ने कहा कि कासगंज में जो हुआ उससे एक बात साफ है कि देश विरोधी लोग तिरंगा यात्रा को बर्दाश्त नहीं कर सकते हैं। यूपी सरकार सख्त कार्रवाई कर रही है। इस तरह की घटनाएं सहन नहीं की जा सकती हैं और इन पर राजनीति भी नहीं होनी चाहिए।

 

भीड़ ने आज भी एक दुकान जलाई

– 26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान शुरू हुई हिंसा मंगलवार को भी जारी रही। यहां भीड़ ने एक स्टोर को आगे के हवाले कर दिया। पीड़ित कारोबारी ने कहा कि वह इलाके में अकेला मुस्लिम दुकानदार है। 20 साल में कभी किसी से झगड़ा नहीं हुआ।
– वहीं, हिंसा के दौरान गायब राहुल उपाध्याय मंगलवार को मीडिया के सामने आया। उसने कहा, ”एक दोस्त ने फोन कर बताया कि सोशल मीडिया में तुम्हारी मौत की अफवाह फैल रही है, लेकिन मैं हिंसा के वक्त कासगंज में नहीं था। मैं अपने गांव में पूरी तरह से सुरक्षित हूं।”

 

कासगंज में अब तक क्या हुआ?

– तिरंगा यात्रा के दौरान हुए विवाद में दो गुट आमने-सामने आ गए थे। इस दौरान चंदन गुप्ता नाम के शख्स की मौत हो गई। कुछ लोग जख्मी भी हुए। अगले दिन भीड़ ने 5 बसों और कई दुकानों में आग लगाई।
– बताया जाता है तिरंगा यात्रा निकालने वालों में एबीवीपी और वीएचपी से जुड़े युवा शामिल थे। आरोप है कि रोड शो के दौरान भीड़ ने उन पर पथराव किया था। हिंसक घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए कासगंज में इंटरनेट सर्विस पर रोक लगाई गई है ।



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