जामा मस्जिद गोलीकांडका गुण्डा बन्दी बनाया, बसपाके टिकटपर चुनावमें प्रतिस्पर्धा कर चुका है !!


जून १५, २०१९

देहली पुलिसके विशेष विभाडने मोहम्मद इकबाल सैफीको बन्दी बनाया है । उसपर २५ सहस्र रुपएका पुरस्कार था । वह वर्ष २०१७ में मेरठसे बहुजन समाज पार्टीके टिकटपर पार्षदका चुनाव भी लड चुका है ।

देहली पुलिसको सूचना मिली थी कि मोहम्मद इकबाल सैफी १३ जूनको कोई बडी घटना करनेके लिए वेलकम क्षेत्रमें आने वाला है । इसपर पुलिसने घेराबंदी की और राजाको बन्दी बनाया । पुलिसको उससे शस्त्र और कारतूस मिले हैं ।

पुलिसके अनुसार २१ फरवरी २०१८ को जामा मस्जिदमें मोहम्मद इकबाल सैफीने अपने मित्र नौशाद और रिजवानके साथ मिलकर मक्की नामक व्यक्तिपर गोली चलाई थी । यद्यपि मक्की इसमें बच गया था । इस हत्याके प्रयासमें उसने अपने गैंगके मुखिया शाहीन सैफीके कहनेपर की थी । शाहीन सैफी अंडरवर्ल्ड डॉन छोटा शकीलका गुर्गा है, जो अभी मेरठ कारावासमें बंद है ।

मोहम्मद इकबाल सैफीपर हत्या, लूट और चोरीके १० प्रकरण प्रविष्ट हैं । पुलिस अत्यधिक समयसे इसकी खोज कर रही थी । यद्यपि प्रत्येक बार पुलिसके हत्थे चढनेसे बच जाता था; परन्तु इस बार वो ऐसा विफल रहा ।

“इतने बडे अपराधी राजनीतिक दलोंसे चुनाव लडते हैं तो समझ सकते हैं कि इस लोकतन्त्रने भारतकी क्या दुर्गति की है । ऐसी स्थितिमें हम नव भारत निर्माणकी कल्पना भी कैसे कर सकते हैं ? राजनीतिको प्रथम स्वच्छ करना होगा, तभी नूतन भारतका निर्माण होगा, जिसमें न ही बसपा जैसे दल होंगें और न ही इकबाल सैफी सदृश चुनाव लडनेवाले गुण्डे !” – सम्पादक, वैदिक उपासना पीठ

स्रोत : आजतक



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